जरुरी जानकारी | तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट, सोयोबीन दाना और लूज के भाव में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में शनिवार को बिनौला और मूंगफली के भाव कमजोर होने से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख कायम हो गया। इसके चलते सोयाबीन और पाम तेल सहित विभिन्न तेल-तिलहनों की कीमतों में गिरावट आई। वहीं सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की स्थानीय मांग के कारण सोयाबीन दाना और लूज के भाव में सुधार आया। बाकी तेल-तिलहनों की कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
नयी दिल्ली, 11 दिसंबर देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में शनिवार को बिनौला और मूंगफली के भाव कमजोर होने से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख कायम हो गया। इसके चलते सोयाबीन और पाम तेल सहित विभिन्न तेल-तिलहनों की कीमतों में गिरावट आई। वहीं सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की स्थानीय मांग के कारण सोयाबीन दाना और लूज के भाव में सुधार आया। बाकी तेल-तिलहनों की कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन के किसान नीचे भाव में अपनी फसल बेचने से बच रहे हैं जिससे सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव में सुधार आया। डीओसी की स्थानीय मांग होने से भी सोयाबीन तिलहन में सुधार को बल मिला।
उन्होंने कहा कि पामोलीन के मुकाबले सोयाबीन और बिनौला जैसे हल्के तेलों के सस्ता होने से पामोलीन की मांग प्रभावित हुई है। इस वजह से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें नरमी के साथ बंद हुईं। उन्होंने कहा कि हल्के तेलों के मुकाबले सीपीओ और पामोलीन का आयात करना महंगा सौदा बैठता है। महंगा होने के कारण दुनियाभर में सीपीओ की मांग घट रही है।
उसने कहा कि सामान्य कारोबार के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल सहित कई अन्य तेल- तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि पिछले लगभग ढाई महीने में मूंगफली तेल में 35 रुपये किलो, बिनौला में लगभग 23 रुपये किलो की गिरावट आई है लेकिन सरकार को तेल-तिलहनों की कीमतों में आई गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं को सुनिश्चित करने के लिए एक समिति गठित करनी चाहिये जो निरंतर तेल-तिलहन कीमतों पर नजर रखे। तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट से आम उपभोक्ताओं या किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा फिर भाव टूटने का लाभ कौन उठा रहा है इसपर ध्यान देने की जरूरत है।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 8,800 - 8,825 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली - 5,700 - 5,785 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,500 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,840 - 1,965 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 17,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,640 -2,665 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,720 - 2,830 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 16,700 - 18,200 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,950 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,700 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,540
सीपीओ एक्स-कांडला- 10,980 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,700 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,580 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,450 (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन दाना 6,550 - 6,650, सोयाबीन लूज 6,400 - 6,450 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) 3,850 रुपये।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 11, 2021 04:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

