नयी दिल्ली, एक अगस्त आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से जुलाई में बिजली की खपत 113.48 अरब यूनिट रही है। इस तरह बिजली की खपत में गिरावट कम होकर 2.64 प्रतिशत रह गई। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अगस्त में बिजली की खपत अपने सामान्य स्तर पहुंच जाएगी।
पिछले साल जुलाई में बिजली की खपत 116.48 अरब यूनिट रही थी।
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बिजली मंत्रालय के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि सरकार द्वारा आर्थिक गतिविधियों के लिए अंकुशों में ढील तथा गर्मियां बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग सुधर रही है। सरकार ने कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए 25 मार्च, 2020 से देशभर में लॉकडाउन लगाया था। इससे बिजली की वाणिज्यिक और औद्योगिक मांग और उपभोग में भारी गिरावट आई थी।
जून में बिजली की खपत 10.93 प्रतिशत घटकर 105.08 अरब यूनिट रही थी। जून, 2019 में यह 117.98 अरब यूनिट थी।
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इसी तरह देश में मई में बिजली की खपत 14.86 प्रतिशत तथा अप्रैल में 23.21 प्रतिशत घटी थी।
इस साल अप्रैल, मई और जून में कोविड-19 की वजह से लागू पाबंदियों के चलते बिजली की वाणिज्यिक और औद्योगिक मांग में काफी गिरावट आई थी। उद्योग के एक विशेषज्ञ ने कहा, ‘‘बिजली की खपत में गिरावट कम होकर 2.6 प्रतिशत पर आ गई है। अगस्त में इसके सामान्य स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है।’’
जुलाई में व्यस्त समय की बिजली मांग यानी दिन में बिजली की सबसे अधिक आपूर्ति, 170.54 गीगावॉट रही। यह एक साल पहले के 175.12 गीगावॉट से 2.61 प्रतिशत कम है। मई में व्यस्त समय की बिजली मांग 166.42 गीगावॉट रही थी, जो एक साल पहले के 182.55 गीगावॉट से 8.82 प्रतिशत कम है।
अप्रैल में यह 132.77 गीगावॉट रही थी। यह एक साल पहले के 176.81 गीगावॉट से करीब 25 प्रतिशत कम है।
अजय
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