नयी दिल्ली, दो जून भारत ने शुक्रवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का वार्षिक शिखर सम्मेलन डिजिटल तरीके से आयोजित करने का उसका फैसला कई पहलुओं पर विचार करके लिया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि भारत ने अतीत में ऐसी कोई घोषणा नहीं की है कि यह सम्मेलन प्रत्यक्ष होगा।
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा की थी कि भारत चार जुलाई को एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन का डिजिटल तरीके से आयोजन करेगा। हालांकि, घोषणा में इस फैसले के पीछे कोई वजह नहीं बताई गयी।
भारत एससीओ के मौजूदा अध्यक्ष के नाते शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
बागची ने कहा कि पिछले कुछ सालों में अनेक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन डिजिटल प्रारूप में हुए हैं और एससीओ सम्मेलन इस तरीके से करने का फैसला अनेक कारकों पर विचार करके लिया गया।
हालांकि, उन्होंने कारकों का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि फैसला किसी एक कारक पर आधारित नहीं है।
बागची ने कहा, ‘‘अब हमने एससीओ के साझेदार देशों को चार जुलाई को डिजिटल तरीके से हो रहे इस आयोजन के बारे में सूचित कर दिया है और हमारी अपेक्षा है कि सभी इसमें शामिल हो सकेंगे।’’
भारत ने पिछले महीने की शुरुआत में गोवा में एससीओ के दो दिवसीय सम्मेलन में इसके सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की मेजबानी की थी।
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