देश की खबरें | बिहार में विधानसभा चुनाव कराने का निर्णय विश्वास के साथ उठाया गया कदम : सीईसी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बीच बिहार में विधानसभा चुनाव कराने का निर्णय ‘‘दुस्साहस’’ नहीं है और इसको लेकर आयोग की ओर से बहुत सावधानी से काम किया गया है।
नयी दिल्ली, 25 सितम्बर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बीच बिहार में विधानसभा चुनाव कराने का निर्णय ‘‘दुस्साहस’’ नहीं है और इसको लेकर आयोग की ओर से बहुत सावधानी से काम किया गया है।
महामारी से कोई राहत नहीं मिलने के बावजूद चुनाव कराने को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा, ‘‘एक आयोग के तौर पर हम इसे एक दुस्साहस नहीं मानते...इस पर हमारी ओर से बहुत, बहुत सावधानी से काम किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव कराने क निर्णय ‘‘विश्वास के साथ उठाया गया कदम है, बिना सोचे-विचारे उठाया गया कदम नहीं।’’
अरोड़ा ने साथ ही हाल में आयोजित जेईई और नीट परीक्षाओं का उदाहरण दिया और कहा कि पूरे भारत से विभिन्न जिलों से हजारों अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए आये।
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कुछ विपक्षी दलों ने महामारी के मद्देनजर चुनाव आयोग से चुनाव टालने का आग्रह किया था।
इससे जुड़े घटनाक्रम में उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उस अर्जी पर सुनवायी करने से इनकार कर दिया जिसमें कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव स्थगित करने का अनुरोध किया गया था।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की तीन सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ता को इस संबंध में निर्वाचन आयोग के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने की छूट देने से भी इनकार कर दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘हम हर किसी को निर्वाचन आयोग के पास जाने की अनुमति नहीं दे सकते। हम आपको केवल याचिका वापस लेने की अनुमति दे सकते हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि महामारी के चलते क्या मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है, अरोड़ा ने कहा कि मतदाता इस बात से बहुत अवगत हैं कि वे क्या चाहते हैं और वे अपने मताधिकार के प्रयोग का अवसर नहीं चूकेंगे।
इस सवाल पर कि क्या भविष्य के चुनावों के लिए भी कोविड-19 से संबंधित दिशा-निर्देश लागू होंगे, उन्होंने कहा कि भगवान ने उन्हें ज्योतिष का ज्ञान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि उस समय की स्थिति पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।
सीईसी ने कहा कि तीन चरणों में राज्य विधानसभा चुनाव कराने का निर्णय कोविड-19 से संबंधित सुरक्षा मानदंडों और सुरक्षा कर्मियों को होने वाली थकान के कारक को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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