विदेश की खबरें | ईरान के ड्रोन हमले में मृतकों की संख्या बढ़ी : कुर्दिश अधिकारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ये हमले ऐसे समय किए गए हैं, जब ईरान में 22 वर्षीय ईरानी कुर्दिश महिला की धर्माचार पुलिस की हिरासत में मौत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ये हमले ऐसे समय किए गए हैं, जब ईरान में 22 वर्षीय ईरानी कुर्दिश महिला की धर्माचार पुलिस की हिरासत में मौत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ ईरानी कुर्दिस्तान (केडीपीआई) के सदस्य सोरान नूरी ने बताया कि ईरान द्वारा बुधवार तड़के हमले किए गए जो इर्बिल से 60 किलोमीटर पूर्व कोया में केंद्रित थे। गौरतलब है कि केडीपीआई ईरान में वाम सशस्त्र विरोधी गुट है।

इराक के विदेश मंत्रालय और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने इन हमलों की निंदा की है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी और अन्य प्रसारकों ने बताया कि देश के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने उत्तरी इराक में अलगाववादी समूह के कुछ ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल हसन हसनजादा के हवाले से बताया कि संघर्ष के दौरान 185 बसिजी (ईरानी मिलिशिया) ‘कुल्हाड़ी और चाकू’ से किए गए हमले में घायल हुए हैं।

हसनजादा ने दावा किया कि दंगाइयों ने एक बसीज सदस्य की खोपड़ी तोड़ दी।उन्होंने बताया कि पांच बसिजी को अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है।

नूरी ने बताया कि ईरानी ड्रोन ने कोया के आसपास स्थित सैन्य शिविर, घरों, कार्यालयों और अन्य इलाकों को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि ईरान द्वारा हमले अब भी जारी हैं।

इराक के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बगदाद में बताया कि इस हमले की कूटनीतिक शिकायत के लिए ईरानी राजदूत को समन करने की उम्मीद है।

केडीपीआई के अधिकारी ने पहचान गुप्त रखते हुए एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि पहली श्रृंखला के हमले के बाद ईरान ने कोया के मजबूत गढ़ कालादीजा में सात ठिकानों पर गोले बरसाए। कालादीजा इलाके में पार्टी का पोलित ब्यूरो है।

एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकार ने देखा कि हमले के बाद कोया के आसपास एंबुलेंस की आवाजाही हो रही है। गौरतलब है कि ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार और सोमवार को भी कुर्दिश ठिकानों पर तोपों और ड्रोन से हमला किया था।

माना जा रहा है कि यह हमला ईरान में 22 वर्षीय एक कुर्दिश युवती की हत्या के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के जवाब में किया गया। युवती को धर्माचार पुलिस ने हिरासत में लिया था।

इराक के संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने ट्वीट कर कहा कि इराक पर अपना मालिकाना हक नहीं समझना चाहिए जहां पडोसी नियमित तौर उसकी संप्रभुत्ता का उल्लंघन करे। मिशन ने कहा कि ‘‘ रॉकेट कूटनीतिक लापरवाही की कार्रवाई है जिसके विध्वंसकारी प्रभाव होंगे।’’

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बुधवार को ईरान से अपील की कि वह पुलिस हिरासत में युवती की मौत के बाद शुरू हुए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘अनावश्यक’ बल प्रयोग नहीं करें।

गुतारेस ने प्रवक्ता के जरिये कहा कि अधिकारियों को महसा अमीनी की मौत की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

गौरतलब है कि अमीनी की मौत के खिलाफ 17 सितंबर को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन ईरान के कम से कम 46 शहरों, कस्बों और गांवों में फैल चुका है। इन प्रदर्शनों में कम से कम 41 प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मियों की मौत हो चुकी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\