विदेश की खबरें | अमेरिका में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या एक लाख के पार

वाशिंगटन, 28 मई पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोना वायरस ने अमेरिका में सबसे भयंकर तबाही मचायी है जहां इस वायरस के संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या एक लाख को पार कर गई है।

दुनिया में किसी भी अन्य देश में कोविड-19 के कारण इतने अधिक लोगों की मौत नहीं हुई है।

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कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में तबाही मचा रखी है, जनजीवन ठहर सा गया है और आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं।

अमेरिका में एक तिहाई लोगों की मौत दुनिया की वित्तीय राजधानी माने जाने वाले न्यूयॉर्क, उसके नजदीकी इलाके न्यूजर्सी और कनेक्टिकट में हुई हैं। इसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है, यहां मंदी आ गई है और बीते तीन महीने में 3.5 करोड़ से अधिक लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

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हालांकि मृत्यु दर और नए मामलों की संख्या में अब कमी आने लगी है। इसे देखते हुए लगभग सभी 50 राज्यों ने अर्थव्यवस्थाओं को फिर से खोलने की हिम्मत जुटाई है।

सदन में बहुमत के नेता स्टेनी होयर ने कहा, ‘‘कोविड-19 के कारण 1,00,000 वें अमेरिकी व्यक्ति की मौत हो गई। ऐसे में हमारा देश एक दुखद मुकाम पर है। पूरे देश में, इतने परिवार इस बीमारी के कारण अपने प्रियजनों को खोने के दुख में डूबे हैं।’’

जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के मुताबिक बुधवार को अमेरिका में मृतकों की संख्या एक लाख को पार कर गई है।

होयर ने कहा, ‘‘इस त्रासदी का असर कितना होगा यह अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता क्योंकि जान गंवाने वाले इन एक लाख लोगों में कोई माता-पिता होगा, कोई दादा-दादी या नाना-नानी, भाई या बहन, बच्चा और हमारे मूल्यवान समुदाय का सदस्य होगा।’’

न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि मृतक संख्या कोरियाई युद्ध के बाद से हर संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या से भी ज्यादा है।

यह 1968 में अमेरिका में फ्लू महामारी में मारे गए लोगों की संख्या के बराबर है और उससे भी एक दशक पहले एक अन्य फ्लू महामारी से मरने वालों के 1,16,000 के आंकड़ों के करीब पहुंच रहा है।

अब तक 17 लाख अमेरिकी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

रोग नियंत्रण एवं रोकथाम संबंधी अमेरिकी केंद्र (सीडीसी) के मुताबिक देश में इस संक्रमण ने हर आयुवर्ग और हर समुदाय को अपनी चपेट में लिया है। संक्रमण के कुल मामलों में से 4.7 एशियाई अमेरिकियों के और 26.3 फीसदी अश्वेत अमेरिकियों के हैं।

संक्रमण के कारण यहां कितने भारतीय-अमेरिकी लोगों की मौत हुई इसका कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है लेकिन कुछ अनाधिकारिक अनुमानों की मानें तो न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में ऐसे 500 से अधिक लोगों की मौत हुई तथा इस समुदाय के संक्रमित लोगों की संख्या हजारों में है।

बीते दो महीनों में कई जाने माने भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक एवं प्रभावशाली सामुदायिक नेताओं की संक्रमण के कारण मौत हुई।

अमेरिका ने जांच बढ़ा दी है। सीडीसी ने कहा कि अब तक अमेरिका में 1.57 करोड़ लोगों की जांच की गई है जिनमें से 18 लाख संक्रमित पाए गए हैं।

संक्रमण के सर्वाधिक 5,00,000 से अधिक मामले 18-44 आयु वर्ग में है जिसके बाद 4,50,000 से अधिक मामले 45-64 आयु वर्ग में हैं।

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