औरंगाबाद हादसे में मृत श्रमिकों के शव उनके घर भेजे जाएंगे : चौहान
ये सभी श्रमिक मध्यप्रदेश के शहडोल एवं उमरिया जिले के निवासी थे।
भोपाल, आठ मई मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए ट्रेन हादसे में मध्यप्रदेश के मृत 16 श्रमिकों के शव औरंगाबाद से जबलपुर ट्रेन से लाये जाएंगे और वहां से इनके शव उनके गृह स्थान भेजे जायेंगे।
ये सभी श्रमिक मध्यप्रदेश के शहडोल एवं उमरिया जिले के निवासी थे।
चौहान ने ट्रेन दुर्घटना में प्रवासी मजदूरों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की तरफ़ से हरेक मृतक श्रमिक के परिजनों को पांच रूपये और घायल व्यक्ति की सहायता के लिये एक लाख रूपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
चौहान ने कहा, ''औरंगाबाद में हुए हृदय विदारक ट्रेन हादसे में मध्यप्रदेश के मृत 16 श्रमिकों के शव मध्यप्रदेश लाने के संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और रेल मंत्री से बात कर ट्रेन की व्यवस्था करवाई गई है। जबलपुर से इनके शव उनके गृह स्थान भेजे जायेंगे।''
उन्होंने कहा कि यह ट्रेन औरंगाबाद से आज शाम सात बजे रवाना हुई है।
चौहान ने औरंगाबाद पहुँचे राज्य सरकार के दल से टेलीफोन पर चर्चा कर ट्रेन दुर्घटना में घायल हुए श्रमिकों के संबंध में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार स्वयं को अकेला नहीं समझे, मैं और मेरी पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है।
औरंगाबाद ट्रेन दुर्घटना में मृत श्रमिकों में शहडोल जिले के 11 श्रमिक एवं उमरिया जिले के पांच श्रमिक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान धन सिंह गोंड़, निरवेश सिंह गोंड़, बुद्धराज सिंह गोंड़, रबेन्द्र सिंह गोंड़, सुरेश सिंह कोल, राजबोहरम पारस सिंह, धर्मेन्द्र सिंह गोंड़, सन्तोष नापित, बृजेश भईयादीन, दयाल सिंह एवं दीपक सिंह गोंड़ :सभी जिला शहडोल: और अच्छे लाल सिंह, बिगेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह गोंड़, मुनीम सिंह एवं नेमशाह सिंह :सभी जिला उमरिया: के रहने वाले हैं।
चौहान ने कहा कि इस हादसे में सज्जन सिंह धुर्वे गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। वह मध्यप्रदेश के मंडला जिले के निवासी हैं।
औरंगाबाद जिले में रेल की पटरियों पर सो रहे 16 प्रवासी मजदूरों की शुक्रवार सुबह एक मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। ये मजदूर पैदल मध्य प्रदेश लौट रहे थे। वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे। ये सभी महाराष्ट्र के जालना की एक स्टील फैक्टरी में काम करते थे और कोविड-19 लॉकडाउन के कारण बेरोजगार होने के बाद अपने घर लौट रहे थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2020 09:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

