नयी दिल्ली, 24 जुलाई केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर नगर के सौंदर्यीकरण के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा किसी भी घर को नहीं गिराया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ महीनों के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया और धार्मिक सहित कई ढांचों को ध्वस्त किया गया।
दिल्ली में सितंबर में जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने वाला है।
किशोर ने राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सदस्य मनोज कुमार झा द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, "डीडीए ने सूचित किया है कि जी20 शिखर सम्मेलन के लिए नगर के सौंदर्यीकरण की खातिर किसी भी घर को नहीं गिराया गया है।"
किशोर ने कहा कि सरकारी या डीडीए भूमि पर अतिक्रमण की पहचान करना और उसे हटाना एक सतत गतिविधि है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के प्रावधानों और एकीकृत भवन उपनियमों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए 25 अप्रैल, 2018 को डीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यबल (एसटीएफ) का गठन किया गया था।
मंत्री ने कहा कि एसटीएफ अतिक्रमणों, अवैध निर्माणों और भवन उपनियमों के उल्लंघन की शिकायतों की पहचान करता है और उसके बाद संबंधित शहरी स्थानीय निकायों को मामले में उचित कार्रवाई करने का निर्देश देता है।
उन्होंने कहा कि डीडीए ने एक अप्रैल से अब तक दिल्ली में अतिक्रमण विरोधी 49 कार्यक्रम चलाए हैं, जिसमें 229.137 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
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