राजौरी/जम्मू, दो सितंबर जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में इस साल की शुरुआत में एक आतंकवादी हमले में मारे गए सात लोगों के परिजनों ने घटना पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कार्रवाई में कथित देरी के खिलाफ चार सितंबर को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
इस साल एक जनवरी को जब आतंकवादियों ने राजौरी के डांगरी गांव में हमला किया और अंधाधुंध गोलीबारी की, तो सात लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए। आतंकवादी वहां परिष्कृत विस्फोटक उपकरण लगा कर आये थे जो अगली सुबह फट गया ।
पुलिस ने हालांकि, कहा कि हमले में शामिल दो आतंकवादी मारे गए और दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की प्रतिक्रिया उस वीडियो पर सामने आई है जिसमें सरोज बाला लोगों से जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुरादपुर में उनके विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने का अनुरोध कर रही हैं। इस आतंकवादी हमले में सरोज बाला के दोनों बेटों की मौत हो गयी थी ।
पुलिस मीडिया सेंटर जम्मू ने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर लिखा, ‘‘अब तक दो आतंकवादी मारे गए। एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। हम इस मामले को पूरी तरह से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
सरोज बाला ने कहा कि वे जनता का समर्थन जुटाने के लिए शनिवार और रविवार को जिले के अन्य हिस्सों का दौरा करेंगी । वह शुक्रवार को मुरादपुर बथुनी, कल्लार, चिंगस और नौशेरा का दौरा कर चुकी हैं ।
उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवादी हमले को आठ महीने बीत चुके हैं लेकिन हम अब भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। हम सभी से चार सितंबर को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अनुरोध करते हैं।’’
महिला ने कहा कि सरकार ने प्रत्येक पीड़ित के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी दी है । उन्होंने कहा, ‘‘हमें ये सब नहीं चाहिए ।’’
सरोज ने कहा कि उनके बच्चे जो हमेशा के लिए चले गए हैं उनके लिए कोई भी मुआवज़ा पर्याप्त नहीं है।
पीड़ित परिवारों ने पहले भी विरोध प्रदर्शन किया था
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