देश की खबरें | साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश : तीन ठग गिरफ्तार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली और देहरादून में बैठकर उत्तर प्रदेश के बहराइच से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस ने तीन हाइटेक ठगों को गिरफ्तार किया है।

बहराइच (उप्र), 28 जून दिल्ली और देहरादून में बैठकर उत्तर प्रदेश के बहराइच से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस ने तीन हाइटेक ठगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्र ने रविवार को बताया कि पश्चिमी दिल्ली में नांगलोई की शिवविहार कालोनी से तीनों ठगों को पुलिस पकड़ कर शनिवार को बहराइच लाई है।

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उन्होंने बताया कि पकड़े गये तीनों आरोपी शशि जोशी, कमलेश गुप्ता और सुमित कुमार शर्मा कर्ज देने और बीमा आदि की सूचना के साथ टाटा अथवा मिलते जुलते मशहूर व्यवसायिक नामों की फर्जी वेबसाइट बनाकर अखबारों में मोबाइल नंबर सहित विज्ञापन देते थे।

उन्होंने बताया कि उसके बाद ये लोग प्रति खाता नौ हजार रुपये देने का लालच देकर कुछ अन्य साधारण लोगों के खाते किराए पर लेते थे। इन खातों के एटीएम और पासवर्ड ले लिए जाते थे। इन बैंक खातों में ये अपने मोबाइल नंबर अपडेट कर अपने शिकार को ऋण देने और बीमा आदि करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, कमीशन तथा मार्जिन मनी जमा कराके ठगी करते थे। बाद में ये खाते या तो बंद हो जाते थे अथवा ठगी गिरोह के संचालक खातों से अपने नंबर हटा लेते थे।

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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह से जुड़ा एक मामला पिछले दिनों बहराइच के रूपईडीहा थाने में संतोष कुमार नामक व्यक्ति ने दर्ज कराया था। प्राथमिकी में कहा गया कि वादी ने काफी अरसा पहले टाटा कैपिटल नाम की कंपनी का कर्ज देने का विज्ञापन अखबार में देखकर कंपनी से संपर्क किया। कंपनी ने उन्हें 25 लाख रुपये का कर्ज देने का वादा कर उनसे 4.80 लाख रुपये वसूल लिए।

इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद ठगों ने संतोष कुमार से फिर संपर्क साधा। ठगों ने संतोष को बताया कि उनके कर्ज की अर्जी खारिज हो गई है और इस कारण संतोष को सवा लाख रुपये ब्याज और उनकी 4.80 लाख मूल रकम सहित छः लाख रुपये से कुछ अधिक वापस मिलने हैं। मगर इसके लिए संतोष को 22,730 रुपये की फीस और जमा करानी होगी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने ठगों पर निगरानी शुरू की। संतोष लगातार पुलिस के संपर्क में रहते हुए ठगों की गतिविधियों से साइबर सेल को अपडेट कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि सर्विलांस के जरिए अपराधियों को ढूंढते ढूंढते पुलिस कुछ खाता धारकों के पास देहरादून पहुंची और वहां से सटीक लोकेशन लेकर नई दिल्ली के नांगलोई इलाके में स्थित आरोपियों के दफ्तर पहुंच गयी। दफ्तर में पुलिस को ये तीनों आरोपी किसी नये शिकार को फंसाने के लिए फोन और इंटरनेट पर जाल बिछाते मिल गये।

पुलिस को पकड़े गये तीनों ठगों के कब्जे से फर्जी कंपनियों टाटा कैपिटल व स्मार्ट एंड टेक्नोलॉजी सर्विसेज प्राइवेट से सम्बन्धित पोस्टर, अभिलेख मोहर, 12 विभिन्न कम्पनियों के सिम, पांच मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 13 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड तथा बड़ी संख्या में पहचान-पत्र बरामद हुए।

तीनों ठगों से साइबर सेल, रूपईडीहा पुलिस तथा स्पेशल आपरेशन ग्रुप के अधिकारियों ने पूछताछ कर यहां दर्ज मामले के अलावा इनके द्वारा ठगे गये अन्य लोगों और इनके गिरोह में शामिल सदस्यों की जानकारी ली है। मिली जानकारी को संबंधित जिलों और प्रदेशों को भेजा जा रहा है। तीनों आरोपी शनिवार को जेल भेज दिए गए हैं।

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