देश की खबरें | सीवीसी ने सरकारी अधिकारियों को 30 नवंबर तक संपत्ति का ब्यौरा देने का कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने केंद्र सरकार के सभी अधिकारियों को इस महीने के अंत तक अपनी चल और अचल संपत्तियों का ब्यौरा पेश करने को कहा है। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 24 नवंबर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने केंद्र सरकार के सभी अधिकारियों को इस महीने के अंत तक अपनी चल और अचल संपत्तियों का ब्यौरा पेश करने को कहा है। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

निकाय ने सरकारी अधिकारियों द्वारा ब्यौरा देने में काफी देरी करने पर गहरी चिंता व्यक्त की और 30 नवंबर तक 100 प्रतिशत अनुपालन करने को कहा।

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सीवीसी ने सोमवार को जारी आदेश में कहा कि संपत्ति का रिटर्न दाखिल नहीं करने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

आयोग ने कहा कि मंत्रालयों, विभागों या संगठनों के अधिकारियों द्वारा संपत्ति का समय पर रिटर्न दाखिल करना आचरण नियमों के तहत अनिवार्य आवश्यकताओं में से एक है।

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आदेश में कहा गया है कि कुछ मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों पर गौर करते हुए आयोग ने पाया कि अधिकतर संगठनों में, कई अधिकारियों ने अभी तक पिछले वर्ष यानी 2019 के लिए वार्षिक अचल या चल संपत्ति रिटर्न दाखिल नहीं किया है।

ज्यादातर संगठनों में यह रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी है।

आदेश में कहा गया है कि लगभग नौ महीने बीत चुके हैं और संगठनों में अभी तक इस संबंध में 100 प्रतिशत अनुपालन नहीं हो सका है।

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