केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) बेंगलुरू और चेन्नई में कुछ खास प्रकार की वस्तुओं के आयात पर कर के आकलन की ऐसी व्यवस्था आठ जून को शुरू कर चुका है। इसे तीन अगस्त को दिल्ली और मुंबई सीमा शुल्क परिक्षेत्र में भी शुरू कर दिया गया था।
सीबीआईसी ने एक परिपत्र में कहा है कि उसने अनाम-आकलन व्यवस्था को अखिल भारतीय स्तार पर आयात के लिए विनिर्दिष्ट सभी बंदगाहों और सभी आयातित वस्तुओं के लिए 31 अक्टूबर 2020 तक चालू करने का निर्णय किया है।
अनाम आकलन प्रणाली के तहत एक जगह बैठे आकलनकर्ता आधिकारी को एक स्वचालित प्रणाली के माध्यम से किसी भी सीमा-शुल्क केंद्र के जरिए आयातित माल के आकलन का कार्य दे दिया जाता है।
बोर्ड ने 11 राष्ट्रीय आकलन केंद्र स्थापित किए है। ये प्रधान सीमा-शुल्क आयुक्त / सीमा-शुल्क आयुक्त के अंतर्गत कार्य करते हैं। ये केंद्र सभी काम समय में पूरा करने के लिए ताल-मेल से काम करते हैं। बोर्ड के अनुसार ये केंद्र एक दूसरे के आकलन कार्य का परीक्षण कर प्रक्रिया में एकरूपता और गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे।
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ये केंद्र राजस्व खुफिया महानिदेशालय (डीआरआई), जीएसटी आसूचना महानिदेशालय , विश्लेषण-शास्त्र एवं जोखिम प्रबंध महानिदेशालय (डीजीएआरएम) और अन्य निदेशालयों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
बोर्ड अनाम आकलन व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए इसके प्रति जागरूकता अभियान चलाएगा तथा इसके लिए वेब गोष्ठियों के आयोजन और वीडियो सामग्री के प्रसार जैसे कदम उठाएगा।
बोर्ड का कहना है कि अनाम आकलन और स्व-घोषणा व्यस्था ‘तुरंत कस्टम’ कार्यक्रम का सबसे महत्पूर्ण अंग हैं।
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