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सीमा शुल्क विभाग हवाई यात्रियों के पुराने आभूषणों को अनावश्यक रूप से जब्त न करे: उच्च न्यायालय

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि सफर के समय यात्री द्वारा पहने जाने वाले आभूषण सहित यात्रियों के पुराने और निजी आभूषण को हवाई अड्डों पर अनावश्यक रूप से जब्त नहीं किया जाए और उन्हें प्रताड़ित भी नहीं किया जाए.

सीमा शुल्क विभाग हवाई यात्रियों के पुराने आभूषणों को अनावश्यक रूप से जब्त न करे: उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली, 3 तीन अप्रैल : दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि सफर के समय यात्री द्वारा पहने जाने वाले आभूषण सहित यात्रियों के पुराने और निजी आभूषण को हवाई अड्डों पर अनावश्यक रूप से जब्त नहीं किया जाए और उन्हें प्रताड़ित भी नहीं किया जाए. न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और रजनीश कुमार गुप्ता की पीठ को सीमा शुल्क विभाग ने सूचित किया कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा हितधारकों के साथ विस्तृत परामर्श किया जा रहा है तथा सामान नियम में संशोधन के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है. इसके बाद, पीठ ने यह निर्देश पारित किया.

अदालत 30 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सीमा शुल्क विभाग द्वारा भारत आने वाले देश के नागरिकों और विदेशी मूल के पर्यटकों के सामान को जब्त करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे. पीठ ने कहा, ‘‘चूंकि सीबीआईसी और सीमा शुल्क विभाग अब सामान नियमों में संशोधन करने और इन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए और समय का अनुरोध कर रहे हैं, इसलिए सीमा शुल्क विभाग अपने सभी अधिकारियों को इस स्थिति से अवगत कराए.’’ पीठ ने कहा, ‘‘सीमा शुल्क अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यहां तक कि भारतीय यात्रियों के पुराने आभूषण, यात्रा के दौरान उनके द्वारा पहने जाने वाले निजी आभूषण या इस्तेमाल आभूषणों को भी अनावश्यक रूप से जब्त न किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत आने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो.’’ यह भी पढ़ें : राज्यसभा में ‘वक्फ संशोधन विधेयक’ पेश, किरेन रिजिजू ने दिया भरोसा, ‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं’

पीठ ने यह भी कहा कि अगर अगली सुनवाई की तारीख तक सामान नियमों में संशोधन नहीं किया जा सकता है तो 19 मई तक एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) रिकॉर्ड पर रखी जानी चाहिए, जिसका नियमों में संशोधन होने तक सीमा शुल्क विभाग द्वारा पालन किया जाएगा. याचिकाओं में, अदालत ने पाया कि विदेशों से वापस आने वाले विभिन्न यात्रियों, पर्यटकों और भारतीय नागरिकों को रोका जा रहा है और उनके पहने हुए आभूषणों सहित विभिन्न वस्तुओं को जब्त किया जा रहा है. पीठ ने 27 मार्च के अपने आदेश में कहा कि एसओपी में वे सभी मुद्दे शामिल होने चाहिए, जिन्हें अदालत ने उठाया है. पीठ ने कहा कि जब्त लिए गए सामान के मूल्यांकन और निपटान की प्रक्रियाओं को भी सरल बनाने और उन पर फिर से विचार करने की जरूरत है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2025 01:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).