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देश की खबरें | रायपुर में पुलिस अधिकारी को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी, अंतिम संस्कार संपन्न

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट में जान गंवाने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपुंजे का मंगलवार को राजधानी रायपुर में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

देश की खबरें | रायपुर में पुलिस अधिकारी को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी, अंतिम संस्कार संपन्न

रायपुर, 10 जून छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट में जान गंवाने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपुंजे का मंगलवार को राजधानी रायपुर में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

आकाश राव के सात वर्षीय पुत्र ने जब अपने पिता को मुखाग्नि दी तब श्मशान घाट में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

राजधानी रायपुर में मंगलवार को उस समय माहौल गमगीन हो गया जब देशभक्ति के नारों के बीच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आकाश राव की शव यात्रा श्मशान घाट पर पहुंची।

सुकमा जिले के कोंटा इलाके में सोमवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर बम (आईईडी) में विस्फोट होने से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कोंटा क्षेत्र) गिरपुंजे की मृत्यु हो गई तथा दो अन्य अधिकारी घायल हो गए।

42 वर्षीय अधिकारी का अंतिम संस्कार आज यहां महादेव घाट मुक्तिधाम में किया गया जहां उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी।

श्मशान घाट में पुलिसकर्मियों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

आकाश राव के छोटे भाई आदर्श ने आकाश राव के सात वर्षीय बेटे का हाथ थामा और उनसे मुखाग्नि दिलाई। इस दृश्य ने श्मशान में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।

राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जो गृह विभाग भी संभालते हैं, श्मशान में मौजूद थे।

शर्मा ने कहा, ''गिरपुंजे जी एक बहादुर, समर्पित और ईमानदार अधिकारी थे। उन्हें पहले वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। गिरपुंजे ने कहा था कि जब तक बस्तर को लाल आतंक के चंगुल से मुक्त कराने का अभियान पूरा नहीं हो जाता, वे वहीं (सुकमा में) रहेंगे और वहां से (अन्यत्र) स्थानांतरित नहीं होंगे। उन्होंने अपना काम जारी रखा। पूरा समाज ऐसे बहादुर अधिकारी को सलाम करता है। सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है।''

शर्मा ने कहा कि नक्सलियों ने एक बार फिर अपना चेहरा और अपनी मंशा दिखा दी है।

इससे पहले सुबह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यहां माना क्षेत्र में स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की चौथी बटालियन के मुख्यालय में शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि नक्सलवाद का अंत निश्चित है।

सीएएफ परिसर की चौथी बटालियन में भारत माता की जय और 'आकाश राव अमर रहे' के भावपूर्ण नारों के बीच पुलिस अधिकारी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय के अलावा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

श्रद्धांजलि स्थल में गिरपुंजे के परिवार के सदस्य, जिनमें उनके माता-पिता, उनकी पत्नी और दो नाबालिग बच्चे शामिल हैं, भी मौजूद थे।

गिरपुंजे की पत्नी ने अपने बहादुर पति को सैल्यूट किया और उनके सात वर्षीय बेटे ने हाथ जोड़कर अपने पिता के पार्थिव शरीर को नमन किया। इस दौरान एक रिश्तेदार ने उनकी छह वर्षीय बेटी को गोद में उठाया हुआ था।

गिरपुंजे को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री साय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने एक बहादुर और समर्पित अधिकारी खो दिया है। नक्सलियों ने हताशा में कायरतापूर्ण कृत्य किया है। नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें ले रहा है और इसका अंत निश्चित है।’’

जब गिरपुंजे के शव को सीएएफ परिसर में फूलों से सजे एक मिनी ट्रक में रखा गया तब मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, रमन सिंह और अन्य अधिकारियों ने गिरपुंजे के पार्थिव शरीर को कंधा दिया।

इससे पहले ताबूत में रखे शव को कुशालपुर इलाके में पुलिस अधिकारी के आवास से मिनी ट्रक में सीएएफ परिसर ले जाया गया। सड़क पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने देशभक्ति के नारे लगाए।

बाद में पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए महादेव घाट ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2025 03:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).