देश की खबरें | कोविड को लेकर दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता की सड़कों पर नहीं दिख रही श्रद्धालुओं की भीड़
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 22 अक्टूबर महाषष्ठी के साथ पांच दिनों का दुर्गा पूजा उत्सव शुरू होने के बावजूद भी यहां की सड़कों पर पिछले साल की तरह श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिख रही है।

उल्लेखनीय है कि कलकत्ता उच्च न्यायलय ने सभी पूजा पंडालों को ‘‘प्रवेश निषेध क्षेत्र’’ घोषित कर दिया है। वहीं, सुबह हुई बारिश ने भी बृहस्पतिवार को उत्सव के उत्साह को कुछ फीका कर दिया।

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एकडलिया एवरग्रीन, सिंघी पार्क, अहीरटोला सर्बोजोनीन, त्रीधारा सम्मिलानी, चेतला अग्रणी सहित कई विशाल पंडाल खाली नजर आ रहे हैं। दरअसल, वहां कुछ आयोजकों और स्थानीय बाशिंदों को ही अंदर जाने की अनुमति है।

हालांकि, लोगों के समूह कुछ दूरी से पंडाल की तस्वीर लेते हुए और सड़क पर बिकने वाली खाने-पीने की चीजों का लुत्फ़ उठाते दिख रहे हैं।

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टॉलीगंज इलाके में आईटी पेशेवर पीयुष सिन्हा ने कहा कि उन्होंने कुछ प्रमुख पूजा स्थलों के मोबाइल ऐप डॉउनलोड किये हैं क्योंकि वह इन पंडालों में इस उत्सव का आनंद उठाने का मौका नहीं चूकना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के बीच हमारी जान को जोखिम में डालने का कोई मतलब नहीं है। ज्यादातर पूजा पंडालों ने अपने ऐप पेश किये हैं और कुछ यूट्यूब पर सीधा प्रसारण भी कर रहे हैं, फिर जोखिम क्यों मोल लिया जाए? ’’

संतोषपुर लेक पल्ली के सचिव सोमनाथ दास ने कहा, ‘‘श्रद्धालु 10 मीटर की दूरी से मां दुर्गा के दर्शन करेंगे, लेकिन अभी तक ज्यादा लोग नहीं आये हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने यूट्यूब पर हमारी पूजा का सीधा प्रसारण करने का इंतजाम किया है। ’’

श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब में आयेाजकों ने पंडाल के बाहर मंच का एक हिस्सा हटा दिया, ताकि श्रद्धालु प्रतिमा का नजदीक से दर्शन कर सकें।

कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिन में ज्यादा संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर नहीं उमड़ रहे हैं। साथ ही, शहर में कहीं से भी अदालत के आदेश का उल्लंघन किए जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन के लिये सभी इंतजाम किये गये हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के मद्देनजर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक आदेश में सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडालों को ‘‘प्रवेश निषेध क्षेत्र ’’ घोषित कर दिया।

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