बहराइच (उत्तर प्रदेश), 28 अप्रैल जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार में ग्रामीणों द्वारा तीन साल की मादा तेंदुए की पीट- पीटकर हत्या करने, वनकर्मियों पर हमला कर उन्हें बंधक बनाने के मामले में 10 महिलाओं समेत 64 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने बृहस्पतिवार को बताया कि 10 महिलाओं सहित 14 नामजद (सभी कठौतिया गांव निवासी) और 50 अन्य के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, अपराधिक कानून संशोधन अधिनियम-7, सामूहिक उपद्रव, लोकसेवक पर हमला, सरकारी काम में बाधा, सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने, जान से मारने की धमकी, मारपीट व अभद्रता की धाराओं में कोतवाली मुर्तिहा में वन विभाग द्वारा मामला दर्ज कराया गया है।
घटना के संबंध में डीएफओ ने बताया कि अभ्यारण्य के सुजौली रेंज (कोतवाली मुर्तिहा) के कठौतिया गांव में बुधवार सुबह एक मादा तेंदुआ ने कुछ ग्रामीणों को हमलाकर घायल कर दिया था। इस संबंध में सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे गांव से बाहर एक खेत में धकेल दिया।
उन्होंने बताया कि इसबीच वन कर्मियों के मना करने के बावजूद कुछ ग्रामीणों ने मादा तेंदुए को भड़का दिया जिससे हिंसक होकर उसने 10 लोगों को घायल कर दिया। इसीबीच कुछ लोगों ने तेंदुए की पीट-पीट कर हत्या कर दी।
डीएफओ ने बताया कि वन विभाग के शेड्यूल वन में सूचीबद्ध दुर्लभ वन्यजीव तेंदुए की हत्या गंभीर अपराधिक कृत्य है।
बधावन ने बताया, ‘‘अराजक तत्वों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) ने वन विभाग के रेंज आफिसर ताराशंकर यादव सहित दस वन कर्मियों पर कुल्हाड़ी तथा पत्थर मार कर उन्हें घायल कर दिया। तीन वनकर्मियों को बंधक बनाकर मारा-पीटा गया और पथराव कर विभाग के तीन वाहनों को क्षतिग्रस्त किया।’’
उन्होंने बताया कि वन विभाग के सुरक्षा कर्मियों व तीन थानों की पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर किसी तरह हालात पर काबू किया और बंधक बनाए गये वन विभाग के कर्मचारियों को छुड़ाया।
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