देश की खबरें | कर्नाटक में 2020-22 में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध में 86 प्रतिशत की वृद्धि : एनसीआरबी

बेंगलुरु, छह दिसंबर कर्नाटक में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध में 2020 से 2022 तक 86 फीसदी की वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

आंकड़ों के अनुसार, 2020 में ऐसे मामलों की संख्या 853 थी जो 2022 में बढ़कर 1,583 हो गयी। 2021 में यह संख्या 1,442 थी। कई वरिष्ठ नागरिक जालसाजी, धोखाधड़ी और चोरी का शिकार बने।

एनसीआरबी के 2022 के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में 28 राज्यों में से कर्नाटक में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ सातवें सबसे अधिक अपराध दर्ज किए गए। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 6,187 मामले, महाराष्ट्र में 5,059 और तमिलनाडु में 2,376 मामले दर्ज किए गए।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में ऐसे मामलों की संख्या प्रति लाख आबादी पर 27.3 रही जबकि ऐसे मामलों में आरोपपत्र दाखिल करने की दर 77.8 रही।

कर्नाटक में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध में हत्या के 91, हत्या के प्रयास के 48, गंभीर रूप से चोट पहुंचाने के 18, शील भंग करने के इरादे से महिलाओं पर हमले के 65, अपहरण के चार और दुष्कर्म के दो मामले शामिल हैं।

आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 2022 में लूट के 61, आपराधिक अनधिकार प्रवेश के 58 और आपराधिक धमकी के 56 मामले भी दर्ज किए गए जिनमें वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाया गया।

एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि पुलिस ने कुल 1,396 मामलों का निस्तारण किया।

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