जरुरी जानकारी | आयात शुल्क मूल्य में कोई बदलाव नहीं करने से सीपीओ, सोयाबीन तेल में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत में सरकार की पाक्षिक बैठक में खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में कोई बदलाव नहीं किये जाने से विदेशी बाजारों में गिरावट आई और स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बुधवार को सोयाबीन तेल तथा सीपीओ एवं पामोलीन तेल कीमतें हानि के साथ बंद हुई। दूसरी ओर स्थानीय के साथ साथ निर्यात मांग होने से सोयाबीन (तिलहन), सरसों, मूंगफली, बिनौला जैसे देशी तेल कीमतें लाभ दर्शाती बंद हुई।
नयी दिल्ली, 16 जून भारत में सरकार की पाक्षिक बैठक में खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में कोई बदलाव नहीं किये जाने से विदेशी बाजारों में गिरावट आई और स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बुधवार को सोयाबीन तेल तथा सीपीओ एवं पामोलीन तेल कीमतें हानि के साथ बंद हुई। दूसरी ओर स्थानीय के साथ साथ निर्यात मांग होने से सोयाबीन (तिलहन), सरसों, मूंगफली, बिनौला जैसे देशी तेल कीमतें लाभ दर्शाती बंद हुई।
बाजार सूत्रों का कहना है कि मंगलवार देर रात की बैठक में आयात शुल्क मूल्य में कोई बदलाव नहीं किये जाने से मलेशिया एक्सचेंज में चार प्रतिशत ओर शिकागो एक्सचेंज में दो प्रतिशत की गिरावट आई। उन्होंने कहा कि शिकागों में आई गिरावट से सोयाबीन तेलों के भाव हानि में रहे। जबकि सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की स्थानीय के साथ साथ निर्यात मांग अधिक होने से सोयाबीन दाना और लूज के भाव में सुधार रहा।
उन्होंने कहा कि मंडियों में सोयाबीन के बेहतर दाने की आवक कम है। सोयाबीन की अगली फसल अक्टूबर में आयेगी। तेल संयंत्र वाले एनसीडीईएक्स में सोयाबीन दाने की खरीद कर रहे हैं जहां जुलाई अनुबंध का भाव हाजिर भाव से 700 रुपये क्विन्टल नीचे और अगस्त अनुबंध का भाव 900 रुपये क्विन्टल नीचे है। इसकी बाद में हाजिर डिलीवरी ली जा सकती है।
सूत्रों ने कहा कि आगरा की सलोनी मंडी में सरसों का भाव 7,200 रुपये से बढ़ाकर 7,300 रुपये क्विन्टल कर दिया गया। पूरे देश की मंडियों में सरसों की जो आवक पहले 5-6 लाख बोरी प्रतिदिन की थी वह अब घटकर लगभग दो लाख 60 हजार बोरी रह गई है क्योंकि किसान नीचे भाव में बिक्री करने से बच रहे हैं। तेल मिलों और सरसों के कारोबारियों ने अपना स्टॉक कम कर दिया है।
उन्होंने कहा कि देश में खपत के लिए रोजाना करीब 10,000 टन सरसों तेल की आवश्यकता होती है और फिलहाल जो आवक हो रही है उससे रोजाना 6-7 हजार टन सरसों तेल की ही मांग पूरी हो पायेगी। इस बीच खाद्य नियामक,एफएसएसएआई सरसों तेल में ब्लेंडिंग पर रोक के मकसद से ब्लेंडिंग की जांच के लिए विभिन्न स्थानों पर नमूने एकत्र कर रही है। यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है।
सूत्रों ने कहा कि मंडियों में मूंगफली की आवक कम है और किसान नीचे भाव में नहीं बेच रहे हैं जिससे मूंगफली तेल तिलहन में सुधार आया। गुजरात की मांग होने से बिनौला तेल कीमत में भी सुधार आया। जबकि मलेशिया एक्सचेंज में चार प्रतिशत की गिरावट आने से सीपीओ और पामोलीन के भाव भी गिरावट के साथ बंद हुए। सरसों तेल की ब्लेंडिंग की रोक के कारण भी आयातित तेल के भाव टूटे हैं।
सूत्रों ने कहा कि तिलहन फसलों की बुवाई के समय आयात शुल्क मूल्य में कोई कमी नहीं करने का सरकार का फैसला बाजार के लिए अच्छा संकेत है क्योंकि ऐसा करने से विदेशी कंपनियों को ही फायदा मिलता है, उल्टे सरकार को राजस्व की हानि होती है।
बाजार के जानकारों ने कहा कि दो महीने में सोयाबीन डीगम 1450 डालर/टन से घट कर 1240 डालर पर तथा सूरज मूखी 1620 डालर से 1300 डालर/टन , पाम तेल 1250 डालर से घट कर 980 डालर पर आ गया है। इस तरह आयातित खाद्य तेलों के भाव में इस दौरान 20-25 प्रतिशत की नरमी आयी है।
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सरकार को सोयाबीन के बेहतर दाने का इंतजाम करना चाहिये ताकि सोयाबीन की अगली पैदावार पहले से कहीं ज्यादा हो तथा तिलहन किसान देश को आत्मनिर्भर बनाने की राह पर मजबूती से कदम आगे बढ़ा सकें।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 7,050 - 7,100 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,770 - 5,915 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,250 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,185 - 2,315 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,280 -2,330 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,380 - 2,480 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,000 - 17,500 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,950 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,650 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,450 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 10,500 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,300 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,050 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,150 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 7,200 - 7,250, सोयाबीन लूज 7,150 - 7,200 रुपये
मक्का खल 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2021 07:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

