कोझिकोड, छह दिसंबर केरल में एक प्रमुख इस्लामी विद्वान ने सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और डीवाईएफआई एवं एसएफआई जैसे उसके युवा संगठनों पर धर्मनिरपेक्षता के नाम पर अंतरजातीय विवाह तथा मिश्रित संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई), माकपा का युवा संगठन है, जबकि ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) पार्टी की छात्र इकाई है।
केरल में प्रभावशाली मानी जाने वाली इस्लामी संस्था ‘समस्त केरल जाम-इयाथुल खुत्बा समिति’ के प्रमुख नेता नसर फैजी कुदाथायी ने बुधवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।
नसर फैजी ने एक विवादास्पद टिप्पणी में कहा कि यह सत्तारूढ़ वामपंथी पार्टी की 'शातिर राजनीतिक योजनाओं' का हिस्सा है।
नसर फैजी ने माकपा और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोगों का एक वर्ग यह दुष्प्रचार कर रहा है कि धर्मनिरपेक्षता और देश की संस्कृति तभी कायम रहेगी जब कोई हिंदू, मुस्लिम समुदाय के सदस्य से शादी करेगा।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘माकपा नेताओं और मीडिया के समर्थन से, वे मुस्लिम महिलाओं का अपहरण कर रहे हैं और उनकी शादी गैर-मुसलमानों से करा रहे हैं।’’
उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के कथित अपहरण के बाद की जा रही ऐसी शादियों के खिलाफ 'महाल समितियों' से एकजुट होने का भी आग्रह किया।
माकपा ने इस मुद्दे पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।
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