देश की खबरें | भाकपा व वीसीके ने शिक्षा नीति संबंधी याचिका में खुद को पक्ष बनाने का आग्रह किया

चेन्नई, 19 अप्रैल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और विदुतलाई चिरुथथिगल काची (वीसीके) ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख करते हुए अनुरोध किया है कि उन्हें उस जनहित याचिका में पक्ष या -प्रतिवादी बनाया जाए जिसमें नयी शिक्षा नीति, 2020 को तत्काल लागू करने के लिए सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

भाकपा की ओर से उसकी तमिलनाडु इकाई के सचिव आर मुथारासन और वीसीके की ओर से उसके अध्यक्ष थोल थिरुमलवन ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया है।

कुड्डालोर जिले के गैर सरकारी संगठन अलमराम के सचिव अर्जुनन इलयाराजा की मूल जनहित याचिका में आवश्यक संशोधनों के साथ तमिलनाडु में नयी शिक्षा नीति को लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

हालांकि, भाकपा और वीसीके ने इस मामले में अपना पक्ष रखने का अनुरोध किया ताकि वे जनहित याचिका पर अपना विरोध दर्ज करा सकें।

मुथारासन ने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने कई तथ्यों में हेरफेर की है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 का प्रभाव पाने के तमिलनाडु के लोगों के अधिकार से वंचित करने के लिए न्यायपालिका के जरिए कोई आदेश प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं थिरुमलवन ने अपने हलफनामे में अन्य बातों के अलावा यह आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।

इस मामले में अगली सुनवाई जून के पहले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी गयी है।

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