नयी, दिल्ली, सात जनवरी विभिन्न केंद्रों के एक अध्ययन के अनुसार ‘कोवैक्सीन’ टीका लगवाने वालों की तुलना में ‘कोविडशील्ड’ लेने वाले लोगों में सार्स-कोव-2 वायरस व इसके चिंताजनक स्वरूपों के खिलाफ ज्यादा अच्छी प्रतिरक्षा पाई गई है।
यह अध्ययन शुक्रवार को ‘मेडआरजिव’ सर्वर पर पोस्ट किया गया है। अभी इसकी समीक्षा नहीं की गई है।
अध्ययन में यह भी पता चला है कि दोनों टीकों ने सेरोनिगेटिव और सेरोपोसिटिव व्यक्तियों या फिर कोविड -19 संक्रमण से उबरने वाले लोगों में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण एंटीबॉडी स्तर प्राप्त किए।
जून 2021 से जनवरी 2022 के बीच, शोधकर्ताओं ने शहरी व ग्रामीण बेंगलुरु और पुणे में चार स्थानों पर 18-45 आयु वर्ग के 691 प्रतिभागियों पर यह अध्ययन किया।
प्रतिभागियों को 28 दिन के अंतराल पर या तो कोवैक्सीन की दो खुराक दी गईं या तीन महीने के अंतराल पर कोविशील्ड की दो खुराक दी गईं।
अध्ययन में पाया गया कि ‘कोवैक्सीन’ टीका लगवाने वालों की तुलना में ‘कोविडशील्ड’ लेने वाले लोगों में सार्स-कोव-2 वायरस व इसके चिंताजनक स्वरूपों के खिलाफ ज्यादा बेहतर प्रतिरक्षा पैदा हुई।
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