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COVID-19: आगे लॉकडाउन की संभावना नहीं है लेकिन सर्दियों में कुछ प्रतिबंध संभव हैं

यॉर्क, 13 सितंबर (द कन्वरसेशन) 19 जुलाई 2021 को इंग्लैंड में कोविड-19 के प्रसार को सीमित करने के उद्देश्य से लगाए गए लगभग सभी कानूनी प्रतिबंधों को हटा दिया गया था.

COVID-19: आगे लॉकडाउन की संभावना नहीं है लेकिन सर्दियों में कुछ प्रतिबंध संभव हैं
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

यॉर्क, 13 सितंबर: 19 जुलाई 2021 को इंग्लैंड (England) में कोविड-19 (Covid-19) के प्रसार को सीमित करने के उद्देश्य से लगाए गए लगभग सभी कानूनी प्रतिबंधों को हटा दिया गया था.राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (National Health Service) (एनएचएस) ट्रैक एंड ट्रेस के अनुरोध पर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों और जिन्हें टीके की दोनों खुराक नहीं लगी है उनके लिए पृथक-वास में रहने की जरूरत बरकरार रखी गई लेकिन नाइट क्लब बंद रखने और घर के भीतर सामाजिक समारोहों में सीमित संख्या जैसे अन्य नियंत्रण उपायों को हटा दिया गया.इस कदम ने प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील देने के "खाके" के अंत को दर्शाया है, जिसकी घोषणा फरवरी में की गई थी. राजनेताओं द्वारा जिस प्रमुख बात पर जोर दी गई थी वह यह कि सबकुछ फिर से खोलने की दिशा में उठाए गए कदमों को “बदला नहीं जा सकेगा. ”यह भी पढ़े: COVID-19 Vaccine Update: जापान में 50 फीसदी से अधिक आबादी का टीकाकरण हुआ

इसके बाद भी 2020 की गर्मियों में प्रतिबंधों में ढील के बाद, नियंत्रण उपायों को अंततः नवंबर 2020 और जनवरी 2021 में देशव्यापी लॉकडाउन लगाकर सर्दियों में फिर से लागू कर दिया गया था. अब सवाल यह उठता है कि 2021 में कुछ अलग देखने को मिलेगा?बढ़ सकते हैं मामले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) के संक्रमण सर्वेक्षण आबादी के प्रतिनिधि नमूनों की जांच कर किसी भी एक वक्त में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या का अनुमान देता है.प्रतिबंध हटने के तुरंत बाद, संक्रमण इस साल अप्रैल और मई में निम्न स्तर से बढ़कर जुलाई में लगभग 1.57% के चरम पर पहुंच गए थे. अगस्त में समग्र संक्रमण की दर गिरकर 1.28% हो गई और बाद में स्थिर हो गई.अब जोखिम यह है कि सामाजिक संपर्क में धीरे-धीरे वृद्धि के कारण संक्रमण दर अपने पहले से ही उच्च स्तर से फिर से बढ़ सकती है, जिसमें स्कूलों में बच्चों का लौटना और अधिक माता-पिता तथा वयस्कों का कार्यस्थलों पर लौटना शामिल है.

अब नहीं लगेगा लॉकडाउन?

पूरी वैश्विक महामारी के दौरान, प्रतिबंधों को लगाने की जरूरत कोविड-19 के कारण बड़ी संख्या में लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के कारण थी. लेकिन व्यापक टीकाकरण अभियान के बाद अस्पताल में भर्ती होने की दरें घटी हैं. नवंबर 2020 में जब लॉकडाउन की घोषणा की गई थी तब 31 अक्टूबर, 2020 को अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों की संख्या 10,000 से भी कम थी. वर्तमान में यह संख्या भले ही 6,000 के करीब है लेकिन यह मई और जून में 1,000 मरीजों की तुलना में बहुत ज्यादा है.तो क्या मौजूदा स्थिति को लॉकडाउन लगने की 60 प्रतिशत संभावना जताने वाला माना जा सकता है? कुछ मायनों में इसका जवाब हां है. अक्टूबर 2020 में स्वास्थ्य प्रणालियों पर पड़े बोझ को गंभीर माना गया था जिससे कि लॉकडाउन लगाना पड़ा था. यह भी पढ़े:अगले महीने के अंत तक 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं कोविड-19 रोधी टीके

2020 की गर्मियों के लॉकडाउन और 2021 की गर्मियों के अंत के लॉकडाउन में अहम अंतर यह है कि टीकाकरण कार्यक्रम काफी सफल रहा है. इंग्लैंड में 16 से अधिक उम्र के 89 प्रतिशत लोगों को टीके की पहली खुराक और 80 प्रतिशत को दूसरी खुराक मिल चुकी है. लेकिन इस बात को लेकर अनिश्चितता है कि ये टीके कितने वक्त तक सुरक्षा उपलब्ध कराते हैं.  बूस्टर कार्यक्रमों पर सरकार द्वारा अंतिम फैसला लिया जाना अभी बाकी है.आने वाली सर्दियां अनिवार्य रूप से कोविड-19 और अन्य संक्रामक रोगों के अधिक मामले लाएगी, और कोविड-19 के लिए अस्पतालों में भर्ती मरीजो की संख्या पहले से ही अधिक है. हालांकि, बड़े पैमाने पर टीकाकरण ने पूर्वानुमान बदल दिया है. अस्पताल में भर्ती होने में उतनी ही तेजी से वृद्धि होने की संभावना नहीं है जितनी पहले देखी गई थी. यदि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि जारी रहती है, तो सर्दियों में और अधिक मामूली प्रतिबंधों की वापसी संभव है, लेकिन एक पूर्ण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की संभावना नहीं है.

द कन्वरसेशन

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 13, 2021 01:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).