देश की खबरें | यमुना की सफाई के लिए समिति बनाने पर न्यायालय की रोक उपराज्यपाल को एक 'बड़ा संदेश': आप

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि यमुना की सफाई के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर उच्चतम न्यायालय की रोक उपराज्यपाल वी के सक्सेना के लिए एक ''बड़ा संदेश'' है।

नयी दिल्ली, 11 जुलाई दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि यमुना की सफाई के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर उच्चतम न्यायालय की रोक उपराज्यपाल वी के सक्सेना के लिए एक ''बड़ा संदेश'' है।

उच्चतम न्यायालय ने एनजीटी के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल को यमुना नदी के पुनर्जीवन से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए गठित एक उच्च स्तरीय समिति का नेतृत्व करने के लिए कहा गया था।

घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर भारद्वाज ने कहा कि सक्सेना की कार्यशैली 'विरोधाभासी' है।

सौरभ भारद्वाज ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने उनके खिलाफ मामला दायर किया और उन्होंने कहा कि वह उपराज्यपाल हैं और उन्हें मुकदमे से छूट दी जानी चाहिए। राज्यपाल और राष्ट्रपति को छूट दी गई है क्योंकि उनके पास कार्यकारी शक्तियां नहीं हैं और वे केवल रबर स्टांप हैं।’’

आप नेता ने कहा कि एनजीटी के सामने उपराज्यपाल ने कहा कि उनके पास कार्यकारी शक्तियां हैं, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने अब कहा है कि उनके पास अधिकारियों को निर्देशित करने की शक्तियां नहीं हैं।

भारद्वाज ने कहा कि यह शीर्ष अदालत द्वारा उपराज्यपाल और उनके पसंदीदा अधिकारियों के लिए एक बड़ा संदेश है।

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