देश की खबरें | भारत में अदालतें अभी भी जीर्ण-शीर्ण ढांचे से काम करती हैं : प्रधान न्यायाधीश रमण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण ने शनिवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ‘देश में अदालतें अब भी जीर्ण-शीर्ण ढांचे से काम करती हैं जहां उचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति मुकदमे के पक्षकारों और वकीलों के लिए अहितकर है।

प्रयागराज, 11 सितंबर भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण ने शनिवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ‘देश में अदालतें अब भी जीर्ण-शीर्ण ढांचे से काम करती हैं जहां उचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति मुकदमे के पक्षकारों और वकीलों के लिए अहितकर है।

प्रधान न्यायाधीश इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अधिवक्ताओं के चेंबर और मल्टीलेवल पार्किंग भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद थे।

रमण ने कहा कि अदालत में यह स्थिति कर्मचारियों और न्यायाधीशों के लिए अप्रिय वातावरण बनाती है जिससे उन्हें अपना काम प्रभावी ढंग से करने में मुश्किल होती है।

उन्होंने कहा, “यही वजह है कि मैं नेशनल ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन का समर्थन कर रहा हूं जो राष्ट्रीय अदालत विकास परियोजना की अवधारणाएं विकसित कर उन्हें क्रियान्वित करेगा। यह उन विभिन्न ढांचागत विकास वैधानिक निकायों की तर्ज पर काम करेगा जो देशभर में राष्ट्रीय संपत्तियों के सृजन की दिशा में काम करते हैं।”

इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मल्टीलेवल पार्किंग और अधिवक्ताओं के चेंबर के निर्माण के बारे में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह एक बाधामुक्त, नागरिक अनुकूल वातावरण का निर्माण करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के बारे में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधि विश्वविद्यालय के का शिलान्यास एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि यह विश्वविद्यालय राष्ट्र और इसके लोगों की सेवा करेगा।’’

दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद भूषण शरण के तैल चित्र के अनावरण पर रमण ने कहा कि शरण इलाहाबाद से सबसे सम्मानित वरिष्ठ अधिवक्ताओं में से एक थे। वह समस्याओं का व्यवहारिक समाधान पेश करने के लिए विख्यात थे और समय के बहुत पाबंद थे।

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