देश की खबरें | मृत्युदंड पर मुहर से पहले अपराध की परिस्थितियों पर विचार करने का अदालत का निर्देश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल उच्च न्यायालय ने दो दोषियों की मौत की सजा के संदर्भ (डीएसआर) पर विचार करते हुए सजा को कम करने संबंधी विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करने का निर्देश दिया है और कहा है कि यह मृत्युदंड की पुष्टि से पहले उनकी सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक पृष्ठभूमि का अध्ययन करेगा।

कोच्चि, 16 मई केरल उच्च न्यायालय ने दो दोषियों की मौत की सजा के संदर्भ (डीएसआर) पर विचार करते हुए सजा को कम करने संबंधी विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करने का निर्देश दिया है और कहा है कि यह मृत्युदंड की पुष्टि से पहले उनकी सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक पृष्ठभूमि का अध्ययन करेगा।

न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस और न्यायमूर्ति सी. जयचंद्रन की पीठ ने एटिंगल दोहरे हत्याकांड और पेरुम्बवूर के जिशा हत्याकांड के दोषियों की ओर से दायर डीएसआर पर विचार करते हुए स्वतंत्र आकलनकर्ता नियुक्त किए और उन्हें अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत की रजिस्ट्री के समक्ष दायर करने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि न्यूनीकरण अध्ययन के तहत उन दोषियों के सभी प्रासंगिक विवरणों पर विचार किया जाएगा, जिन्हें मौत की सजा सुनायी गई है। अदालत ने कहा कि इसमें उनकी उम्र, भाई-बहनों सहित पारिवारिक पृष्ठभूमि, माता-पिता की सुरक्षा, हिंसा या उपेक्षा का कोई इतिहास, परिवार के सदस्यों सहित वर्तमान पारिवारिक पृष्ठभूमि, विवाहित हैं या बच्चे हैं, शिक्षा का प्रकार और स्तर, गरीबी या अभाव की स्थिति सहित सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि, यदि कोई हो, आय और रोजगार का प्रकार आदि बिंदुओं पर विचार किया जाएगा।

अदालत ने 11 मई के अपने आदेश में कहा कि दोषसिद्धि के मुद्दे पर फैसला होने तक वह रिपोर्ट पर विचार नहीं करेगी।

अदालत ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा अपीलीय चरण में दोषसिद्धि के मुद्दे पर सुनवाई शुरू करने से पहले ही न्यूनीकरण पड़ताल शुरू करने में कोई कानूनी रोक नहीं है।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘इस तरह की रिपोर्ट इस अदालत के समक्ष सीलबंद लिफाफे में दायर की जानी चाहिए और जब तक इन अपीलों में दोषसिद्धि के मुद्दे पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक न्यायाधीशों द्वारा इस पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।"

पीठ ने कहा कि यदि अपीलीय अदालत द्वारा सजा की पुष्टि के बाद ही अध्ययन प्रक्रिया शुरू की गई, तो इसमें काफी देरी होगी।

अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि अपराध की परिस्थितियों का आकलन करने के लिए न्यूनीकरण पड़ताल की प्रक्रिया को संचालित करने की आवश्यकता है।

एटिंगल दोहरे हत्याकांड में, नीनो मैथ्यू को अपनी प्रेमिका की बेटी एवं सास की हत्या करने और प्रेमिका के पति को गंभीर रूप से घायल करने का दोषी ठहराया गया था।

असम के मूल निवासी अमीरुल इस्लाम ने 2016 में जिशा के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी थी।

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