देश की खबरें | न्यायालय ने डब्ल्यूएआई चुनाव पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा लगायी रोक को रद्द किया

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नयी दिल्ली, 28 नवंबर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव का मार्ग प्रशस्त करते हुए उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव कराने पर लगायी रोक को खारिज कर दिया ।

न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल की पीठ ने कहा कि वे यह नहीं समझ पा रहे कि उच्च न्यायालय ने चुनाव की पूरी प्रक्रिया के महत्व को कैसे नहीं समझा।

पीठ ने कहा, ‘‘हरियाणा कुश्ती संघ द्वारा दायर एक रिट याचिका लंबित होने पर उच्च न्यायालय ने एक अंतरिम आदेश में डब्ल्यूएफआई के चुनाव पर रोक लगा दी। हमें यह बात समझ नहीं आ रही कि उच्च न्यायालय द्वारा इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के महत्व को कैसे समझा नहीं गया। उचित यही होता कि चुनाव कराने की अनुमति दी गयी होती और चुनाव को लंबित रिट याचिका के नतीजे के अधीन किया जाता। ’’

पीठ ने कहा, ‘‘इसी के अनुसार अंतरिम राहत देने वाले विवादित आदेश को रद्द किया जाता है। निर्वाचन अधिकारी संशोधित चुनाव कार्यक्रम तैयार करके चुनाव को आगे बढ़ा सकता है। हम स्पष्ट करते हैं कि चुनाव का नतीजा याचिका में पारित आदेश के अधीन होगा। ’’

हरियाणा कुश्ती संघ के वकील ने बताया कि हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ का हरियाणा ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त होने का सर्टिफिकेट फर्जी है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ हमारा कहना है कि हम असली ईकाई हैं और हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ ने हरियाणा ओलंपिक संघ का फर्जी पत्र जमा किया था । उसी के आधार पर निर्वाचन अधिकारी के समक्ष मेरा ऐतराज खारिज कर दिया गया और उन्हें मतदाता सूची का हिस्सा बनाया गया । निर्वाचन अधिकारी का आदेश फर्जी पत्र के आधार पर था जिसे मैने उच्च न्यायालय में चुनौती दी ।’’

उच्चतम न्यायालय ने पहले डब्ल्यूएफआई का कार्यभार संभालने के लिए गठित तदर्थ समिति की पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा कुश्ती संस्था के चुनाव कराने पर लगायी रोक को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा था।

तदर्थ पैनल ने 25 सितंबर को उच्च न्यायालय के चुनावों पर रोक लगाने के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रूख किया था।

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