देश की खबरें | मानहानि के मामले में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर अदालत ने पुलिस, जी न्यूज से जवाब मांगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की एक याचिका पर दिल्ली पुलिस और जी न्यूज से जवाब देने को कहा जिसमें चैनल और उसके संपादक द्वारा दाखिल मानहानि के मामले में सांसद ने उन्हें सम्मन भेजे जाने तथा उनके खिलाफ आरोप तय किये जाने को चुनौती दी गयी है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, पांच अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की एक याचिका पर दिल्ली पुलिस और जी न्यूज से जवाब देने को कहा जिसमें चैनल और उसके संपादक द्वारा दाखिल मानहानि के मामले में सांसद ने उन्हें सम्मन भेजे जाने तथा उनके खिलाफ आरोप तय किये जाने को चुनौती दी गयी है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस से सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने मोइत्रा की याचिका पर दिल्ली पुलिस और जी मीडिया को नोटिस भेजे।

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मोइत्रा ने निचली अदालत के 25 सितंबर, 2019 और इस साल 10 जनवरी के आदेशों को चुनौती दी जिनके द्वारा उन्हें मानहानि के मामले में क्रमश: सम्मन भेजा गया और उनके खिलाफ आरोप तय किये गये।

मोइत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने निचली अदालत में मामले पर सुनवाई रोकने की भी मांग की।

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उच्च न्यायालय ने जी मीडिया का पक्ष रख रहे वकील विजय अग्रवाल के बयान को दर्ज किया कि मौजूदा कोविड-19 महामारी के हालात में निचली अदालत साक्ष्य दर्ज नहीं कर रही इसलिए अगली तारीख पर सुनवाई शुरू नहीं हो सकती।

निचली अदालत ने 10 जनवरी को मोइत्रा के खिलाफ आईपीसी के तहत आपराधिक मानहानि के आरोप दर्ज किये थे।

पाहवा और वकील अदित एस पुजारी ने उच्च न्यायालय में कहा कि निचली अदालत ने मोइत्रा को आरोपमुक्त करने की मांग करने और उनकी दलीलें रखने के लिए अवसर नहीं दिया।

मोइत्रा ने कहा कि ये कार्यवाही उनके द्वारा जी न्यूज के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी के खिलाफ दाखिल मानहानि की याचिका के जवाब में की गयी है।

अग्रवाल के साथ वकील मुदित जैन और युगांत शर्मा ने कहा कि मोइत्रा ने सत्र अदालत जाने के बजाय उच्च न्यायालय का रुख किया और याचिका दाखिल करने में देरी की गयी।

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