देश की खबरें | शोध पत्र जमा करने को लेकर एनएसयूआई नेता की याचिका पर अदालत ने डीयू से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के एक नेता की उस याचिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) का रुख जानना चाहा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रतिबंधित आदेश के रद्द होने के बाद भी विश्वविद्यालय उनके पीएचडी शोध पत्र (थीसिस) को स्वीकार नहीं कर रहा है।
नयी दिल्ली, 24 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के एक नेता की उस याचिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) का रुख जानना चाहा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रतिबंधित आदेश के रद्द होने के बाद भी विश्वविद्यालय उनके पीएचडी शोध पत्र (थीसिस) को स्वीकार नहीं कर रहा है।
एनएसयूआई के नेता को 2002 गुजरात दंगों पर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) के विवादित वृत्तचित्र को दिखाने के लिए प्रतिबंधित किया गया था।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कांग्रेस की छात्रसंघ इकाई के राष्ट्रीय सचिव लोकेश चुग की याचिका पर नोटिस जारी किया।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2002 के गुजरात दंगों पर आधारित ‘बीबीसी’ के विवादित वृत्तचित्र को विश्वविद्यालय परिसर में दिखाए जाने के मामले में 27 अप्रैल को एनएसयूआई के नेता लोकेश चुघ को एक साल के लिए निष्कासित किए जाने संबंधी दिल्ली विश्वविद्यालय के आदेश को बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया था।
चुग की ओर से पेश वकील नमन जोशी ने अदालत से कहा कि अदालत के फैसले का उल्लंघन करते हुए याचिकाकर्ता की पीएचडी थीसिस पर विचार करने में देरी हुई।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की गई, लेकिन उनकी थीसिस अभी तक स्वीकार नहीं की गई है।
याचिका में अनुरोध किया गया है कि डीयू के अधिकारियों को चुघ की थीसिस को स्वीकार करने के निर्देश दिये जाने चाहिए।
इस मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।
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