देश की खबरें | अदालत ने ऑटो वाहन के हस्तांतरण पर 5 साल की रोक मुद्दे पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, 15 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्वामियों द्वारा तीन सीट वाले ऑटो रिक्शा (टीएसआर) के हस्तांतरण पर पांच साल की रोक (लॉक-इन) के खिलाफ एक याचिका पर नगर की सरकार से जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने 31 मई को ऑटो चालक कल्याण संघ की याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। संगठन का दावा है कि वह ऑटो मालिकों और चालकों के कल्याण के लिए काम करता है।

दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि अपवादों को हटाने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए नीतिगत फैसला किया जाएगा और उन्होंने स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अदालत से समय देने का अनुरोध किया।

याचिकाकर्ता के वकील बीनाशॉ एन सोनी ने दलील दी कि ऑटो के हस्तांतरण पर पांच साल की लॉक-इन अवधि एक अनुचित प्रतिबंध है और सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी में ही ऐसी रोक है। उन्होंने कहा कि किसी अन्य सार्वजनिक वाहन पर इस तरह का कोई रोक नहीं है।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि दिल्ली सरकार द्वारा लागू लॉक-इन अवधि के कारण ऑटो मालिकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से वाहन खरीदा है।

संगठन ने कहा कि कुछ ऑटो मालिक अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक ऑटो से बदलना चाहते हैं लेकिन प्रतिबंध के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है।

याचिका में कहा गया है, "टीएसआर ऑटो गरीब ऑटो चालक की चल संपत्ति है और उसे इस संपत्ति को बेचने का अधिकार है क्योंकि उसने दिल्ली सरकार से बिना किसी सब्सिडी के और बिना किसी छूट के वाहन को विधिवत खरीदा है तथा उसकी पूरी कीमत दी है।"

याचिका में यह भी दलील दी गई है कि किसी व्यक्ति द्वारा अपने ऑटो के बेचने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें इसे चलाने के लिए स्वस्थ नहीं होना या वाहन चलाने की इच्छा नहीं होना आदि शामिल हैं।

इस मामले में अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी।

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