जरुरी जानकारी | अदालत ने पीवीसी पाइप के लिए बीआईएस लाइसेंस को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘लीड स्टैबिलाइजर इन पॉलिविनाइल क्लोराइड पाइप्स एंड फिटिंग्स नियम, 2021’ को रद्द करने का निर्देश देने की अपील करने वाली याचिकाओं पर केंद्र से जवाब मांगा है।
नयी दिल्ली, 20 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘लीड स्टैबिलाइजर इन पॉलिविनाइल क्लोराइड पाइप्स एंड फिटिंग्स नियम, 2021’ को रद्द करने का निर्देश देने की अपील करने वाली याचिकाओं पर केंद्र से जवाब मांगा है।
इस नियम के तहत पॉलिविनाइल क्लोराइड पाइप्स (पीवीसी) पाइप के विनिर्माण के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से लाइसेंस लेने और उन पर ‘मानक चिह्न’ को दर्शाने को अनिवार्य किया गया है।
इस संबंध में एक याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और ज्योति सिंह की पीठ ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ और सीसी) और उपभोक्ता मामले, बीआईएस, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 28 फरवरी तय की है। पीठ ने कहा कि कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले वह केंद्र का रुख जानना चाहती है।
इस मामले में केंद्र सरकार की तरफ से अधिवक्ता अनुराग अहलूवालिया उपस्थित हुए।
गौरतलब है कि पीवीसी पाइप मैन्यूफैक्चरर्स (हरियाणा) एसोसिएशन की याचिका में इन नियमों की वैधता चुनौती दी गई है।
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