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देश की खबरें | एलओसी को लेकर सीबीआई की याचिका पर अदालत ने मांगा आकार पटेल से जवाब

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने विदेशी अनुदान (विनियमन) अधिनियम के कथित उल्लंघन के मामले में एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया बोर्ड के अध्यक्ष आकार पटेल के खिलाफ जारी ‘लुकआउट सर्कुलर’ को वापस लेने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर शुक्रवार को उनसे जवाब मांगा।

देश की खबरें | एलओसी को लेकर सीबीआई की याचिका पर अदालत ने मांगा आकार पटेल से जवाब

नयी दिल्ली, 13 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने विदेशी अनुदान (विनियमन) अधिनियम के कथित उल्लंघन के मामले में एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया बोर्ड के अध्यक्ष आकार पटेल के खिलाफ जारी ‘लुकआउट सर्कुलर’ को वापस लेने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर शुक्रवार को उनसे जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने सीबीआई की याचिका पर पटेल को नोटिस जारी किया और मामले को 18 मई को अगली सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया।

सीबीआई ने उच्च न्यायालय से कहा कि वह पटेल को राहत दिये जाने के खिलाफ नहीं है और उसकी शिकायत निचली अदालत द्वारा अपनाये गये तर्क से संबद्ध है। साथ ही एजेंसी ने आशंका जताई कि इसका इस्तेमाल अन्य मामलों में भी किया जाएगा।

सीबीआई की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने पक्ष रखा तो वहीं पटेल की तरफ से अधिवक्ता सौद खान पेश हुए।

सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि निचली अदालत ने इस तथ्य को स्वीकार नहीं किया कि आरोपी के फरार होने पर जांच एजेंसी लुकआउट सर्कुलर के प्रावधान का सहारा ले सकती है और इस तरह का विचार त्रुटिपूर्ण है।

याचिका में सीबीआई ने तर्क दिया है कि निचली अदालत के साथ-साथ मजिस्ट्रेटी अदालत ने लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) नोटिस का सहारा लेने के दायरे और उद्देश्य को पूरी तरह से गलत समझा।

याचिका में कहा गया, “यह प्रतिवेदित किया जाता है कि एक लुकआउट सर्कुलर नोटिस दंडात्मक कार्रवाई का एक लघु रूप है जो एक जांच एजेंसी यह सुनिश्चित करने के लिए ले सकती है कि आरोपी कानून की प्रक्रिया का सामना करने के लिए उपलब्ध है…।”

जांच एजेंसी ने कहा, ‘‘यह तथ्य कि एक बैंक या वित्तीय संस्थान प्राथमिकी के बगैर भी लुकआउट सर्कुलर की प्रक्रिया का सहारा ले सकता है, यह बताने के लिए एक पर्याप्त संकेत है कि अदालत का तर्क पूरी तरह त्रुटिपूर्ण है। ’’

उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने 16 अप्रैल को, अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के उस आदेश को कायम रखा था, जिसमें सीबीआई को पटेल के खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर वापस लेने का निर्देश दिया गया था।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2022 06:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).