देश की खबरें | न्यायालय ने 2002 के हत्या मामले में गुरमीत राम रहीम और अन्य से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने 2002 में डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में डेरे के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और चार अन्य को बरी करने के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील पर विचार करने पर शुक्रवार को सहमति जताई।
नयी दिल्ली, तीन जनवरी उच्चतम न्यायालय ने 2002 में डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में डेरे के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और चार अन्य को बरी करने के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील पर विचार करने पर शुक्रवार को सहमति जताई।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 28 मई, 2024 को मामले की जांच को खराब और अधूरा बताते हुए सिंह और अन्य को बरी कर दिया था।
उच्च न्यायालय ने कहा था कि मीडिया को रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन नहीं करना चाहिए।
अपनी दो शिष्याओं के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में 20 साल की जेल की सजा काट रहे सिरसा के गुरमीत सिंह वर्तमान में हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं।
सिंह को पत्रकार राम चंदर छत्रपति की हत्या के लिए भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जो उसकी मौजूदा सजा पूरी होने के बाद शुरू होगी।
सिंह पहले भी कई बार पैरोल हासिल करने को लेकर चर्चा में रह चुका है।
शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने सिंह समेत बरी किए गए पांच व्यक्तियों को नोटिस जारी किए।
पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इन दलीलों पर गौर किया कि न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली पीठ ने बरी किए गए व्यक्तियों को उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ मृतक के पिता द्वारा दायर एक अलग याचिका पर नोटिस जारी किया था।
उच्चतम न्यायालय ने कहा, "हमारा ध्यान न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की पीठ द्वारा पारित आदेश के संबंध में नौ सितंबर, 2024 की अदालती रिपोर्ट की ओर आकर्षित किया गया है। नोटिस जारी करें... मामला न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।”
दस जुलाई 2002 को हरियाणा के कुरूक्षेत्र के खानपुर कोलियान गांव में चार अज्ञात हमलावरों ने रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हत्या का षड़यंत्र कथित तौर पर गुरमीत राम रहीम ने रचा था क्योंकि उसे संदेह था कि सिंह ने एक गुमनाम पत्र सार्वजनिक किया है, जिसमें गुरमीत पर अपनी महिला अनुयायियों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया गया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 03, 2025 04:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

