अदालत ने नागपुर में लॉकडाउन पाबंदियों के खिलाफ अर्जी पर जवाब मांगा

न्यायमूर्ति ए एस किलोर ने आदेश मंगलवार देर शाम उस याचिका पर सुनवायी के बाद पारित किया जो अधिवक्ताओं प्रकाश जायसवाल, किशोर लंबात, कमल सतूजा, मनोज साबले और श्रीरंग भंडारकर द्वारा दायर की गई है।

जमात

नागपुर, छह मई बम्बई उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार और नगर निकाय को नागपुर में लॉकडाउन पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिका पर जवाब देने के लिए कहा है।

न्यायमूर्ति ए एस किलोर ने आदेश मंगलवार देर शाम उस याचिका पर सुनवायी के बाद पारित किया जो अधिवक्ताओं प्रकाश जायसवाल, किशोर लंबात, कमल सतूजा, मनोज साबले और श्रीरंग भंडारकर द्वारा दायर की गई है।

याचिका में नागपुर नगर आयुक्त तुकाराम मुंधे द्वारा रविवार को जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है जिसमें बताया गया है कि तीन मई तक जो पाबंदियां लागू थीं वह 17 मई तक विस्तारित लॉकडाउन के दौरान जारी रहेंगी।

अदालत ने केंद्र, राज्य और एनएमसी से जवाब के तौर पर हलफनामा मांगा और सुनवाई आठ मई के लिए स्थगित कर दी।

याचिका में कहा गया है कि दो मई को केंद्र सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए थे जिसके तहत सभी जिलों को रेड, आरेंज और ग्रीन जोन में विभाजित किया गया था। यह वर्गीकरण कोरोना वायरस फैलने की गंभीरता के आधार पर किया गया था और इसके तहत प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग पाबंदियां लगायी जाती हैं।

अर्जी में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार ने भी दिशा-निर्देश जारी किए, जिसमें गैर निषिद्ध क्षेत्रों में मोहल्ले की दुकानों, शराब की दुकानों और निजी कार्यालयों को फिर से खोलने की अनुमति दी गई। छूट को रेड जोन में भी विस्तारित किया गया।

याचिका में कहा गया है कि नागपुर यद्यपि रेड जोन में है लेकिन केंद्रीय और राज्य-स्तरीय दिशानिर्देश शराब की दुकानों और मोहल्लों की दुकानों को खोलने और निजी कार्यालयों को 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति दी गई है।

इसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि, उसी दिन, नागपुर के नगर निकाय ने अपने आयुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों में इस आधार पर तबदीली की कि नागपुर में कोविड-19 मामलों की संख्या को देखते हुए लॉकडाउन के दौरान अधिक सख्त उपायों को 17 मई तक की अवधि तक लागू करना आवश्यक है।’’

याचिका में कहा गया है कि नागपुर में "संशोधित" लॉकडाउन मुंबई, पुणे और मालेगांव (नासिक जिले में) लॉकडाउन के बराबर है।

याचिका में कहा गया है कि नागपुर नगर निकाय द्वारा जारी की गई अधिसूचना में अधिकार का दुरुपयोग किया गया है और इसे कानून के तहत किसी भी प्राधिकार के बिना पारित किया गया है। इसमें कहा गया है कि यह गैरकानूनी, मनमाना, अनुचित है, जिसे खारिज किया जाना चाहिए।

.

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

IND vs NZ ODI Series 2026: खत्म होने वाला है इंतजार! इस दिन मैदान पर लौटेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, जानिए पूरा शेड्यूल और मैच टाइमिंग

Team India vs New Zealand T20I Stats At Hagley Oval: हेग्ले ओवल में कुछ ऐसा रहा हैं टीम इंडिया और न्यूजीलैंड का प्रदर्शन, इन बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने मचाया धमाल; यहां जानें क्राइस्टचर्च के इस मैदान के दिलचस्प आंकड़े और अहम जानकारी

Virat Kohli ODI Stats Against New Zealand: वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में न्यूजीलैंड में कुछ ऐसा रहा हैं विराट कोहली का प्रदर्शन, एक क्लिक पर देखें 'रन मशीन' के आंकड़ें

Team India vs New Zealand T20I Stats At Hagley Oval: हेग्ले ओवल में कुछ ऐसा रहा हैं टीम इंडिया और न्यूजीलैंड का प्रदर्शन, इन बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने मचाया धमाल; यहां जानें क्राइस्टचर्च के इस मैदान के दिलचस्प आंकड़े और अहम जानकारी