देश की खबरें | न्यायालय ने बेंगलुरु बार निकाय में कोषाध्यक्ष का पद महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित किया

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नयी दिल्ली, 24 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने अपनी पूर्ण शक्तियों का प्रयोग करके शुक्रवार को बेंगलुरु अधिवक्ता संघ के कोषाध्यक्ष का पद महिला वकीलों के लिए आरक्षित कर दिया।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए कहा कि बार निकाय के लिए चुनाव दो फरवरी को निर्धारित था और नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई थी।

पीठ ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह निर्देश देना उचित समझती है कि कोषाध्यक्ष का पद विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किया जाएगा।

अदालत ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के विभिन्न निर्वाचित निकायों में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने का यह ‘उचित समय’ है और संघ की महिला उम्मीदवारों के लिए सीट निर्धारित करने वाले ज्ञापन और उपनियमों में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं थे।

पीठ ने चुनाव की निगरानी के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति और बार निकाय चुनावों के लिए ‘मुख्य रिटर्निंग अधिकारी’ को नामांकन आमंत्रित करने की तारीख बढ़ाने का निर्देश दिया और कहा कि यदि आवश्यक हो तो चुनाव को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए।

शीर्ष अदालत एक महिला वकील द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय बार संघ के मामले में जारी महिला आरक्षण के निर्देशों को लागू करने का अनुरोध किया गया है। अदालत ने पिछले साल कोषाध्यक्ष के पद सहित महिला वकीलों के लिए सीट आरक्षित करने का निर्देश दिया था।

मामले में पेश वरिष्ठ वकील लक्ष्मी अयंगर ने पीठ से शासी परिषद में युवा वकीलों की अधिक भागीदारी की अनुमति देने के लिए 10 साल के अनुभव मानदंड में ढील देने का अनुरोध किया जिसे पीठ ने स्वीकार कर लिया।

शीर्ष अदालत ने हाल ही में ‘दिल्ली सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन’ और ‘दिल्ली टैक्स बार एसोसिएशन’ की कार्यकारी समिति में कोषाध्यक्ष का पद आरक्षित करने सहित महिला वकीलों के लिए 30 प्रतिशत सीट आरक्षित करने का निर्देश दिया है।

शीर्ष अदालत ने 20 जनवरी को निर्देश दिया कि ‘राष्ट्रीय हरित अधिकरण बार संघ’ के चुनाव में महिला वकीलों के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित होंगी।

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