देश की खबरें | न्यायालय ने अटॉर्नी जनरल को पैरवी से हटाने के लिए महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड को लगाई फटकार

नयी दिल्ली, दो अगस्त उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई से पहले अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल को पैरवी से हटाने के लिए मंगलवार को महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड को फटकार लगाई।

अदालत ने कहा कि ''आप अटॉर्नी जनरल (एजी) के साथ इस तरह व्यवहार नहीं कर सकते।''

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अंतिम समय में उन्हें हटाया जाना ''न्याय के उचित प्रशासन में हस्तक्षेप करने का एक अनुचित प्रयास'' है और ''स्पष्ट रूप से अदालत की अवमानना ​​​​है।''

प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण ने वेणुगोपाल के पत्र पर गौर करते हुए कहा, ''आपका (एजी का) पत्र देखकर मैं बहुत परेशान हूं। आप (वक्फ बोर्ड) क्या सोच रहे हैं? क्या आप भारत के अटॉर्नी जनरल के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं?''

इसके बाद वक्फ बोर्ड के वकील ने कहा, ''मैं ईमानदारीपूर्वक माफी मांगता हूं।''

वेणुगोपाल ने सुनवाई की शुरुआत में, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ को बताया कि उन्हें पैरवी से हटा दिया गया है और इस संबंध में एक पत्र जारी किया जा चुका है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''वह कुछ मुद्दों के बावजूद इस मामले पर पैरवी करने के लिए सहमत हुए ... तभी आपने उन्हें हटा दिया। यह क्या है? एजी को हटाने का यह तरीका सही नहीं है। मैं (सुनवाई की) तारीख आगे नहीं बढ़ाऊंगा। इसे निर्धारित दिन पर सूचीबद्ध करें।”

शीर्ष अदालत एक कानूनी सवाल से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी कि क्या मुसलमानों द्वारा धर्मार्थ कार्यों के लिए दान की गई भूमि 'वक्फ' कानून के तहत आती है।

सोमवार को सुनवाई की तैयारी कर रहे एजी ने शीर्ष अदालत के न्यायिक रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर मामले में पैरवी से हटाने का आरोप लगाया और कहा कि यह ''न्याय के उचित प्रशासन में हस्तक्षेप करने का एक अनुचित प्रयास'' और ''स्पष्ट रूप से अदालत की अवमानना ​​​​है।''

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