देश की खबरें | अदालत ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ गिरोह के सदस्य की जमानत याचिका खारिज की

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नयी दिल्ली, पांच नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ गिरोह के एक कथित सदस्य की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके कई साथियों के पास से कुल 117 किलोग्राम अफीम बरामद हुई थी।

अदालत ने कहा कि कॉल संबंधी रिकॉर्ड की जानकारी (सीडीआर) भी दर्शाती है कि आरोपी राम कुमार गुप्ता सह आरोपी और पूरे मामले के कथित सरगना जगन्नाथ राय के लगातार संपर्क में था।

न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने कहा, ‘‘इस मामले के संपूर्ण तथ्यों एवं परिस्थितियों के मद्देनजर, यह नहीं कहा जा सकता कि याचिकाकर्ता (गुप्ता) की भूमिका केवल एक किलोग्राम अफीम की बरामदगी तक सीमित है। आरोपों के अनुसार, वह बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने में उसकी अहम भूमिका है।’’

अदालत ने कहा कि स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध की गंभीरता को देखते हुए और देश में मादक पदार्थों की तस्करी की समस्या से निपटने के लिए इस अधिनियम के तहत जमानत मंजूर करने के लिए कड़े मापदंड निर्धारित किए गए हैं।

उसने कहा कि इस मामले में आरोप तय किए गए हैं और गवाहों से पूछताछ जारी हैं।

अदालत ने कहा कि गुप्ता राय के संपर्क में था, जो सीडीआर के विश्लेषण से स्पष्ट है, आवाज के नमूनों का भी मिलान हो चुका है और वह अन्य आरोपियों के साथ षड्यंत्र का हिस्सा था।

अभियोजन के अनुसार, राय मादक पदार्थों की तस्करी का सरगना है और वह नगा जनजातियों से अफीम खरीदकर बरेली, बदायूं और देश के अन्य हिस्सों में इसकी आपूर्ति करता था।

उसने बताया कि 2016 में मादक पदार्थों के गिरोह के विभिन्न सदस्य पकड़े गए थे और वे पिछले कुछ साल में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले अंतरराज्यीय मादक पदार्थ गिरोह के कथित सदस्य थे तथा एक-दूसरे के साथ मिलकर यह काम कर रहे थे।

एक आरोपी ने खुलासा किया था कि गुप्ता कई अन्य लोगों को अफीम की आपूर्ति करता था, जिसके बाद गुप्ता को 2016 में बरेली स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। गुप्ता ने जमानत याचिका दायर करके कहा था कि वह 27 सितंबर, 2016 से न्यायिक हिरासत में है और उसके पास से एक किलोग्राम अफीम मिलने का आरोप है।

अभियोजन ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि गुप्ता समेत गिरोह के विभिन्न आरोपियों से 117 किलोग्राम अफीम बरामद की गई थी।

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