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देश की खबरें | न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की याचिका पर सुनवाई से न्यायालय का इनकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से नकदी बरामद होने के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इनकार कर दिया।

देश की खबरें | न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की याचिका पर सुनवाई से न्यायालय का इनकार

नयी दिल्ली, 21 मई उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से नकदी बरामद होने के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि 8 मई को शीर्ष अदालत द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अंकित है कि भारत के प्रधान न्यायाधीश ने आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट और न्यायाधीश के जवाब को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेज दिया है।

पीठ ने कहा, ‘‘आदेश की मांग करने से पहले याचिकाकर्ता को उचित प्राधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखकर अपनी शिकायत का निवारण करना होगा। इसलिए हम इस रिट याचिका पर विचार करने से इनकार करते हैं। इस स्तर पर अन्य याचिकाओं पर गौर करना आवश्यक नहीं है।’’

आंतरिक जांच समिति द्वारा वर्मा को दोषी ठहराए जाने के बाद पूर्व प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने उन्हें इस्तीफा देने का संकेत दिया था।

जब न्यायमूर्ति वर्मा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया तो खन्ना ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा। विवाद के बीच वर्मा का स्थानांतरण दिल्ली उच्च न्यायालय से इलाहाबाद उच्च न्यायालय कर दिया गया।

अधिवक्ता मैथ्यूज नेदुम्परा और तीन अन्य द्वारा दायर याचिका में आपराधिक कार्यवाही तत्काल शुरू करने का अनुरोध किया गया। इसमें कहा गया है कि आंतरिक समिति ने न्यायाधीश के खिलाफ आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया है।

याचिका में कहा गया है कि आंतरिक जांच से न्यायिक अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है, लेकिन यह लागू कानूनों के तहत आपराधिक जांच का विकल्प नहीं है। मार्च में, इन्हीं याचिकाकर्ताओं ने आंतरिक जांच को चुनौती देते हुए और औपचारिक पुलिस जांच की मांग करते हुए शीर्ष न्यायालय का रुख किया था।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने आंतरिक कार्यवाही लंबित रहने का हवाला देते हुए याचिका को समय से पहले दायर मानकर खारिज कर दिया।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 21, 2025 01:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).