देश की खबरें | न्यायालय ने दहेज रोधी कानून की समीक्षा के लिए दायर याचिका पर विचार करने से इनकार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने दहेज प्रतिषेध कानून की समीक्षा के लिए दायर एक याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया और कहा कि कानून बनाना संसद का काम है।

नयी दिल्ली, 27 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने दहेज प्रतिषेध कानून की समीक्षा के लिए दायर एक याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया और कहा कि कानून बनाना संसद का काम है।

न्यायमूर्ति बी. वी. नागरतना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ एक वकील द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दहेज रोधी कानून के दुरूपयोग का मुद्दा उठाया गया था।

पीठ ने याचिकाकार्ता से कहा, ‘‘हम कानून नहीं बना सकते। कानून बनाना संसद का काम है।’’

पीठ ने याचिका पर विचार करने की अनिच्छा व्यक्त की, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

सुनवाई के दौरान, पीठ ने कहा कि संसदीय कानून पहले से मौजूद हैं और समाज को अपने अंदर बदलाव लाना होगा।

जनहित याचिका में, दहेज और विवाहित महिला के साथ क्रूरता से संबंधित मौजूदा कानूनों की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित किये जाने का भी अनुरोध किया गया था।

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