देश की खबरें | उच्च न्यायलय परिसर से लैपटॉप, आईपैड चुराने की आरोपी महिला को ज़मानत देने से अदालत का इनकार

नयी दिल्ली, 14 अगस्त राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने दिल्ली उच्च न्यायालय परिसर से जुलाई में एक लैपटॉप एवं एक आईपैड चुराने की आरोपी महिला को ज़मानत देने से इनकार कर दिया।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने आरोपी बाला सरस्वती को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में ‘साफ तौर पर दिख’ रहा है कि आरोपी उस बैग को उठा रही है जिसमें लैपटॉप और आई पैड रखा था तथा उच्च न्यायालय के गेट नम्बर सात से ऑटो ले रही है।

शिकायतकर्ता तथा अभियोजन ने आरोपी के ज़मानत आवेदन का इस आधार पर विरोध किया कि वह आदतन अपराधी है जो उच्च न्यायालय में अदालत कक्षों के बाहर से बैग चुराती है। इस मामले के अलावा उसके खिलाफ इसी तरह के अपराध के लिए कम से कम एक और प्राथमिकी दर्ज है।

अभियोजन ने दावा किया कि इसी तरह के दो अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता का शक है।

न्यायाधीश ने 13 अगस्त को पारित आदेश में आरोपी के ज़मानत आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी इसी तरीके से अतीत में भी ऐसे ही अपराधों में शामिल रही है।

न्यायाधीश ने कहा कि जांच अधिकारी का अंदेशा सही है कि अगर आरोपी को ज़मानत दी जाती है तो वह फरार हो सकती है और गवाहों को धमका सकती है या ऐसे अपराधों में शामिल हो सकती है।

अदालत ने आरोपी की इस दलील को खारिज कर दिया कि वीडियो में दिख रही महिला वह नहीं है और उसे 26 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अभियोजन के मुताबिक, आरोपी ने 10 जुलाई को उच्च न्यायालय की मुख्य इमारत की पहली मंजिल से विधि प्रशिक्षु का लैपटॉप और आईपैड कथित रूप से चुरा लिया था।

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