देश की खबरें | न्यायालय ने ठग सुकेश चंद्रशेखर को तिहाड़ से मंडोली जेल भेजने का आदेश दिया
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नयी दिल्ली, 23 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने कथित ‘‘ठग’’ सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी को तिहाड़ जेल से शहर की मंडोली जेल में स्थानांतरित करने का मंगलवार को आदेश दिया।
न्यायमूर्ति एस. आर. भट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने चंद्रशेखर और उसकी पत्नी की याचिका पर यह आदेश दिया। उन्होंने याचिका में आरोप लगाया कि उनकी जान को खतरा है तथा उन्हें दिल्ली से बाहर किसी जेल में स्थानांतरित किया जाए।
चंद्रशेखर धन शोधन और कई लोगों से ठगी के आरोपों में जेल में बंद है।
पीठ ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड में उपलब्ध तथ्यों पर गौर करने तथा 17 जून 2022 को दिए गए आदेश पर विचार करते हुए इस अदालत का राय है कि 23 जून 2022 को प्रतिवादी द्वारा दिए गए बयान के आधार पर याचिकाकर्ताओं को मंडोली जेल में स्थानांतरित किया जाए।’’
शीर्ष न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को एक सप्ताह के भीतर मंडोली जेल में स्थानांतरित किया जाए। पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘यह आदेश दोनों के लिए है।’’
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस. वी. राजू ने पीठ के समक्ष तर्क दिया कि चंद्रशेखर तिहाड़ जेल के अंदर से एक ‘वसूली गिरोह’ और एक ‘ठगी गिरोह’ चला रहा है और अब तक कई जेल अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
उन्होंने कहा कि तिहाड़ जेल में उसके लिए गिरोह का संचालन करना मुश्किल हो गया है, इसलिए वह दूसरी जेल में जाना चाहता है ताकि वह फिर से अपना गिरोह चला सके।
चंद्रशेखर और उसकी पत्नी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आर बसंत ने कहा कि उनके मुवक्किल तिहाड़ जेल में बंद हैं और वहां उनके साथ ‘बहुत खराब’ व्यवहार किया गया है।
वकील ने कहा कि चंद्रशेखर की शिकायत उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ है, जिन्होंने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के बदले पैसे वसूले थे।
एएसजी ने तर्क दिया कि चंद्रशेखर के पास तिहाड़ जेल में उसके लिए काम करने वाले लोग थे, जिनमें कुछ जेल कर्मचारी भी शामिल थे और उन्होंने इन लोगों को सिम कार्ड और मोबाइल उपलब्ध कराए।
एएसजी राजू ने कहा कि वह मीडिया का प्रबंधन करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चंद्रशेखर के पास बहुत पैसा है और वह चाहता है शीर्ष अदालत में सुनवाई के दिन कुछ विशेष लेख प्रकाशित किये जाएं।
पीठ ने आदेश देने से पहले कहा कि इस मामले में प्रशासन ने जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। सुनवाई के दौरान एएसजी राजू ने कहा कि चंद्रशेखर ने 214 करोड़ रुपये की वसूली की है और इसका कुछ हिस्सा दुबई भेजा गया।
सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से पूछा कि चंद्रशेखर ने किसे पैसा दिया और क्यों दिया। इस पर वकील ने कहा, अपनी सुरक्षा के लिए पैसे दिये। चंद्रशेखर ने दावा किया था कि उससे तिहाड़ जेल के कुछ अधिकारियों ने सुरक्षा देने के बदले साढ़े 12 करोड़ रुपये वसूले थे।
इसके बाद 13 जुलाई को पीठ ने चंद्रशेखर से कहा था कि वह पैसे वसूलने वाले लोगों की सूची मुहैया कराने के साथ उसकी ओर से किये गये भुगतान का पूरा ब्योरा पेश करे।
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