नयी दिल्ली, 14 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डी.के. जोशी और मुख्य सचिव केशव चंद्र के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा शुरू की गई अवमानना कार्यवाही सोमवार को बंद कर दी।
श्रमिकों को मौद्रिक एवं अन्य लाभ देने संबंधी अपने पूर्व के एक आदेश का अनुपालन नहीं करने पर उच्च न्यायालय द्वारा यह कार्यवाही शुरू की गई थी।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह प्रशासन को बकाये के भुगतान और श्रमिकों की नियमितीकरण योजना पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करने के वास्ते 30 नवंबर तक का समय दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘नियमितीकरण योजना के सिलसिले मे, यह कहा गया है कि (श्रमिकों को) एक सितंबर 2017 से बढ़ा हुआ पारिश्रमिक दिया जाए और इसने (केंद्र शासित क्षेत्र प्रशासन) ने इसके लिए निधि की मांग की है।’’
पीठ ने कहा, ‘‘अवमानना कार्यवाही जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। अनुपालन 30 नवंबर तक पूरा होने दीजिए। अवमानना कार्यवाही बंद रहेगी।’’
शीर्ष न्यायालय ने चार अगस्त को, मुख्य सचिव केशव चंद्र को निलंबित करने और उपराज्यपाल जोशी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी।
श्रमिकों को लाभ प्रदान करने के पूर्व के एक आदेश का अनुपालन नहीं करने को लेकर यह आदेश जारी किया गया था। इस सिलसिले में अंडमान सार्वजनिक निर्माण विभाग मजदूर संघ ने एक याचिका दायर की थी।
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