देश की खबरें | न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में आपराधिक मामलों में फंसे भाजपा नेताओं को अंतरिम संरक्षण दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया कि राज्य में भाजपा के उन पांच नेताओं पर किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाये जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन नेताओं में मुकुल रॉय के अलावा दो सांसद कैलाश विजयवर्गीय और अर्जुन सिंह भी शामिल हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया कि राज्य में भाजपा के उन पांच नेताओं पर किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाये जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन नेताओं में मुकुल रॉय के अलावा दो सांसद कैलाश विजयवर्गीय और अर्जुन सिंह भी शामिल हैं।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन नेताओं की याचिकाओं पर पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किये हैं। पीठ इस मामले में अब जनवरी के दूसरे सप्ताह में सुनवाई करेगी।

इन नेताओं ने अलग अलग दायर याचिकाओं में आरोप लगाया है कि विधान सभा के आसन्न चुनावों से संबंधित राजनीतिक गतिविधियों से उन्हें दूर रखने के लिये उन पर आपराधिक मामले थापे जा रहे हैं।

पीठ ने कहा कि इन नेताओं को प्रदत्त अंतरिम संरक्षण इन याचिकाओं की सुनवाई की अगली तारीख तक जारी रहेगा।

मुकुल रॉय, विजयवर्गीय और सिंह के अलावा भाजपा के दो अन्य नेताओं पवन कुमार सिंह और सौरव सिंह ने भी राज्य में उनके खिलाफ दर्ज मामलों में संरक्षण के लिये न्यायालय में याचिका दायर की हैं।

न्यायालय ने इन नेताओं को अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुये गृह मंत्रालय से तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पश्चिम बंगाल भाजपा नेता कबीर शंकर बोस के सुरक्षाकर्मियों के बीच हुयी झड़प के बारे में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट मांगी है। कबीर शंकर बोस ने न्यायलाय में अलग से याचिका दायर की है।

अनूप

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