नयी दिल्ली, 24 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों और माओवादियों से संदिग्ध संबंधों से जुड़े एक मामले में असम के निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई को गिरफ्तारी से संरक्षण की अवधि शुक्रवार को बढ़ा दी।
गोगोई ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के नौ फरवरी के उस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, जिसमें असम में विशेष एनआईए अदालत को उनके खिलाफ दो मामलों में से एक में आरोप तय करने के लिए आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी।
न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल की पीठ को बताया गया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपलब्ध नहीं है, जिसके बाद मामले की सुनवाई 27 फरवरी के लिए तय की गई।
पीठ ने कहा, ‘‘सोमवार के लिए स्थगित। अंतरिम आदेश जारी रहेगा।’’
इससे पहले, उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को गोगोई और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ सीएए विरोधी प्रदर्शनों और संदिग्ध माओवादी संबंधों के मामले में विशेष अदालत में आरोप तय करने की अनुमति दी थी।
उच्च न्यायालय का आदेश एनआईए की उस अपील पर आया था, जिसमें चारों आरोपियों को ‘क्लीनचिट’ देने वाली विशेष एनआईए अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी।
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