देश की खबरें | न्यायालय ने हाथी ‘अरिक्कोम्बन’ के स्वास्थ्य पर रिपोर्ट दिये जाने के अनुरोध संबंधी याचिका खारिज की

नयी दिल्ली, छह जुलाई उच्चतम न्यायालय ने चावल खाने वाले हाथी ‘अरिक्कोम्बन’ के स्वास्थ्य और उसकी गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट दिये जाने के अनुरोध संबंधी याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।

प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने पशु अधिकार समूह ‘वॉकिंग आई फाउंडेशन फॉर एनिमल एडवोकेसी’ पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

पीठ ने कहा, ‘‘ ‘अरिक्कोम्बन’ पर अब और कुछ नहीं। हम इस ‘अरिक्कोम्बन’ से परेशान हो चुके हैं। आप केरल उच्च न्यायालय जाएं। वह जमीनी हकीकत से अवगत हैं। हर हफ्ते हमें एक याचिका मिल रही है कि इस हाथी को कहीं और रखा जाए। यह उच्चतम न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।’’

पशु अधिकार समूह के वकील दीपक प्रकाश ने कहा कि वह केवल जानवर की भलाई को लेकर चिंतित हैं और शीर्ष अदालत को संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत उसे मिले अधिकारों के बारे में याद दिलाया।’’

उच्चतम न्यायालय ने इस आपत्ति जतायी और कहा, ‘‘यह याचिका अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इसे ‘सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन’ के कल्याण कोष में 25,000 रुपये का जुर्माना जमा कराने का निर्देश देने के साथ खारिज किया जाता है। आपने अनुच्छेद 32 के तहत हमारे रवैये पर सवाल उठाया है इसलिए अब आप जुर्माना भरें।’’

पशु अधिकार संस्था ने ‘अरिक्कोम्बन’ के स्वास्थ्य के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।

केरल में चावल और राशन की दुकानों पर उत्पात मचाने वाले ‘अरिक्कोम्बन’ को पिछले महीने राज्य के पेरियार टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित कर दिया गया था।

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