देश की खबरें | न्यायालय ने यस बैंक घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
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नयी दिल्ली, 13 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने यस बैंक घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपी को जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
न्यायालय ने ट्रैवल फर्म ‘कॉक्स एंड किंग्स इंडिया’ और उसकी समूह कंपनियों के आंतरिक लेखा परीक्षक नरेश टी जैन की जमानत याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। जैन 3,642 करोड़ रुपये के यस बैंक घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में जेल में हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, यात्रा समूह ने यस बैंक से 3,642 करोड़ रुपये का ऋण लिया था और इसके लिए हेरफेर किए गए वित्त विवरणों और ‘बैलेंस शीट’ का उपयोग किया गया था।
एजेंसी ने दावा किया कि यस बैंक के संस्थापक एवं तत्कालीन एमडी और सीईओ राणा कपूर द्वारा ऋण की मंजूरी मानदंडों की अवहेलना करके दी गई थी।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की पीठ ने जैन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे की दलीलों पर संज्ञान लिया और कहा कि इस स्तर पर वह जमानत देने की इच्छुक नहीं है।
जैन पांच अक्टूबर, 2020 से हिरासत में है।
पीठ ने कहा, ‘‘हालांकि, हम निर्देश देते हैं कि ईडी यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये कि वह सुनवाई जल्द पूरी करने में सहयोग करे। यदि 31 मई, 2023 तक मुकदमे में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो हम याचिकाकर्ता (जैन) को (बम्बई) उच्च न्यायालय के समक्ष नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन करने की अनुमति देते हैं।”
ईडी ने सात मार्च, 2020 को यस बैंक के तत्कालीन सीईओ राणा कपूर और अन्य के खिलाफ ईसीआईआर (प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट) दर्ज की थी।
ईडी ने जैन को 8 जून, 2020 को तलब किया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया था।
जैन की जमानत याचिका को निचली अदालत ने 9 दिसंबर, 2020 को खारिज कर दिया था और उच्च न्यायालय ने भी जमानत नहीं दी थी।
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