देश की खबरें | न्यायालय ने लद्दाख पर्वतीय परिषद चुनाव की अधिसूचना रद्द की, नेकां को 'हल' चुनाव चिह्न की हकदार बताया

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नयी दिल्ली, छह सितंबर उच्चतम न्यायालय ने लद्दाख पर्वतीय परिषद चुनाव के संबंध में निर्वाचन विभाग की पांच अगस्त की अधिसूचना बुधवार को रद्द कर दी और एक सप्ताह के भीतर नयी अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) को 'हल' चुनाव चिह्न पाने की हकदार बताते हुए न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने पार्टी को इस चिह्न के आवंटन का विरोध करने संबंधी लद्दाख प्रशासन की याचिका खारिज कर दी और उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने नेकां उम्मीदवारों को पार्टी के चिह्न पर लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी), करगिल का आगामी चुनाव लड़ने की अनुमति देने वाले एकल पीठ के आदेश के खिलाफ लद्दाख प्रशासन की याचिका खारिज कर दी थी।

प्रशासन ने एकल पीठ के नौ अगस्त के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ का रुख किया था, जिसने नेकां को चुनाव के लिए पहले से आवंटित चिह्न 'हल' को अधिसूचित करने के लिए लद्दाख प्रशासन के निर्वाचन विभाग के कार्यालय से संपर्क करने का निर्देश दिया था।

पांच अगस्त को निर्वाचन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 30 सदस्यीय एलएएचडीसी, करगिल की 26 सीट के लिए मतदान 10 सितंबर को होना था, जबकि वोटों की गिनती के लिए चार दिन बाद की तारीख निर्धारित की गई थी।

शीर्ष अदालत ने एक सितंबर को नेकां की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उसने एलएएचडीसी चुनावों में अपने उम्मीदवारों को 'हल' चुनाव चिह्न देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती दी थी।

इससे पहले, पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद पर्वतीय परिषद चुनावों के लिए पार्टी को 'हल' चुनाव चिन्ह नहीं देने के लद्दाख प्रशासन के कृत्य को अनुचित करार दिया था।

पीठ ने 25 अगस्त को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा था, ‘‘यह अनुचित है... अगर जरूरत पड़ी तो हम चुनाव कार्यक्रम रद्द कर देंगे।’’

इससे पहले, उसने पार्टी को 'हल' चुनाव चिह्न आवंटित करने के उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

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