देश की खबरें | अदालत ने मेडिकल बोर्ड से बलात्कार पीड़िता की जांच करने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एलएनजेपी अस्पताल के एक मेडिकल बोर्ड से 16 वर्षीया बलात्कार पीड़िता की जांच करने और उसके करीब 24 सप्ताह के गर्भ को गिराने की व्यवहार्यता का पता लगाने को कहा है।
नयी दिल्ली, 14 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एलएनजेपी अस्पताल के एक मेडिकल बोर्ड से 16 वर्षीया बलात्कार पीड़िता की जांच करने और उसके करीब 24 सप्ताह के गर्भ को गिराने की व्यवहार्यता का पता लगाने को कहा है।
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने लड़की की मां की याचिका पर निर्देश जारी किया।
अदालत ने लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) के मेडिकल बोर्ड को 18 जनवरी को इस बारे में उसकी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया कि क्या गर्भपात किया जा सकता है।
पीड़िता की मां की ओर से अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने अदालत से कहा कि जब उनकी मुवक्किल को पता चला कि उनकी बेटी गर्भवती है तो उन्होंने पुलिस में शिकायत की जिसने आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और पॉक्सो कानून की धारा छह के तहत जीरो प्राथमिकी दर्ज की।
बाल यौन शोषण निरोधक पॉक्सो कानून की धारा छह में न्यूनतम 20 साल की कैद या शेष पूरे जीवन के लिए उम्रकैद का और अधिकतम मृत्युदंड का प्रावधान है।
भारतीय दंड संहिता की धारा 376 में अधिकतम सजा उम्रकैद की सुनाई जा सकती है।
ग्रोवर ने अदालत को बताया कि जीरो प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने लड़की की मेडिकल जांच कराई जिसके बाद मां को बताया गया कि उनकी बेटी करीब 24 सप्ताह की गर्भवती है।
उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किल के पास मेडिकल रिपोर्ट की प्रति नहीं है और यह पुलिस के पास ही है।
इसके बाद पुलिस की ओर से पक्ष रख रहे दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील (अपराध) अवि सिंह ने लड़की की मेडिकल रिपोर्ट अदालत में रखी जिसमें अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट शामिल है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)