देश की खबरें | अदालत ने ताहिर हुसैन को संपत्ति मामले में पत्नी के पक्ष में जीपीए को सत्यापन की अनुमति दी
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नयी दिल्ली, 12 दिसंबर दिल्ली की एक अदालत ने एक संपत्ति के मामले में अपनी पत्नी के पक्ष में एक जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) को सत्यापित करने के अनुरोध संबंधी आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के आवेदन को मंजूरी दे दी है।
अदालत ने हुसैन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज किये गये मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। हुसैन पर आरोप है कि 2020 में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन तथा उत्तर-पूर्व दिल्ली में दंगे भड़काने के लिए कागजी या फर्जी कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये के कालेधन को सफेद किया गया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने कहा, ‘‘इस वर्तमान आवेदन के माध्यम से आरोपी को (हरियाणा में एक भूखंड के सिलसिले में) अदालत में जीपीए को सत्यापित करवाने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है। अबतक उक्त संपत्ति के बारे में कोई कुर्क आदेश नहीं है और उक्त भूखंड भी अभी आरोपी के कब्जे में या स्वामित्व में नहीं है।’’
न्यायाधीश रावत ने सोमवार को अपने आदेश में कहा, ‘‘इस आवेदन को मंजूर करने में मुझे कोई बाधा नजर नहीं आती है और इस तरह वर्तमान आवेदन को मंजूर किया जाता है।’’
ईडी ने यह कहते हुए आवेदन को खारिज करने की मांग की कि अपराध से हुई आय को आरोपी ने ‘‘अनुसूचित अपराधों को करने में लगाया’’ और समान मूल्य की उसकी संपत्तियों को एजेंसी द्वारा कुर्क किये जाने की जरूरत है।
हुसैन के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल चाहता है कि उसकी पत्नी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित किये गये इस भूखंड की देखभाल करे तथा ईडी ने तो इस संपत्ति के बारे में कोई कुर्क आदेश भी नहीं जारी किया है।
अदालत ने मुख्य मामले को आगे की सुनवाई के वास्ते 14 दिसंबर के लिए स्थगित कर दिया।
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