नयी दिल्ली, 17 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने 2008 में बेंगलुरु में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से संबंधित मामले में मुख्य आरोपी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के अध्यक्ष अब्दुल नसर मदनी को इलाज के लिए केरल जाने और वहां ठहरने की सोमवार को अनुमति दे दी।
न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश की पीठ ने मदनी की जमानत की शर्त में बदलाव किया। इससे पहले अदालत ने उन्हें मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक बेंगलुरु में रहने का निर्देश दिया था।
पीठ ने कहा, “11 जुलाई, 2014 के आदेश में संशोधन करते हुए हम याचिकाकर्ता को केरल में अपने गृहनगर जाने और वहां ठहरने की अनुमति देते हैं।”
पीठ ने कहा, “हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि याचिकाकर्ता अन्य सभी आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, हम याचिकाकर्ता को निर्देश देते हैं कि वह 15 दिन में एक बार कोल्लम जिले में नजदीकी थाने के प्रभारी के समक्ष हाजिरी दे।”
उच्चतम न्यायालय ने खराब सेहत के चलते 2014 में मदनी को जमानत दी थी, तब से वह जमानत पर हैं। उन्हें बेंगलुरु से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया गया था।
अप्रैल 2023 में, शीर्ष अदालत ने उन्हें कर्नाटक पुलिस के साथ अपने बीमार माता-पिता से मिलने के लिए केरल जाने और फिर लौटने की अनुमति दी थी।
उच्च न्यायालय ने कहा था, “इसके लिए शुल्क आवेदक द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आवेदक दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग न करे, कर्नाटक राज्य सभी सावधानियां बरतने के लिए स्वतंत्र है।”
मदनी 25 जुलाई 2008 को बेंगलुरु में हुए नौ सिलसिलेवार विस्फोट से संबंधित मामलों में मुख्य आरोपी हैं। इन बम धमाकों में दो लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे।
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