जरुरी जानकारी | देश को हरित ऊर्जा की ओर बदलाव के लिए उच्च आर्थिक वृद्धि की जरूरत: सीईए

नयी दिल्ली, छह दिसंबर मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने बुधवार को कहा कि भारत को हरित ऊर्जा की दिशा में बदलाव के लिए निवेश करने को लेकर उच्च आर्थिक वृद्धि की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को कोयले से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर जाने के लिए समय की जरूरत है।

नागेश्वरन ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) लक्ष्य को पूरा करने में भारत अन्य जी-20 देशों से काफी आगे है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को हरित ऊर्जा की ओर आगे बढ़ने के लिए निवेश को लेकर उच्च आर्थिक वृद्धि की जरूरत है... हमें कोयले से हटकर....नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने के लिए समय की जरूरत है।’’

राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान यानी एनडीसी को विभिन्न देशों ने अपनाया है। इसके तहत पूर्व-औद्योगिक (19850-1900) स्तर की तुलना में पृथ्वी के औसत तापमान वृद्धि को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे और अगर संभव हो तो 1.5 डिग्री सेल्सियस तक कम करने को लेकर राष्ट्रीय कार्ययोजनाएं अपनायी गयी हैं।

सीईए ने कहा, ‘‘आपको अभी कुछ समय तक कोयले का उपयोग करना होगा।’’

नागेश्वरन ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन का डर पश्चिमी देशों विशेषकर यूरोप को असंभव जान पड़ रहे शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन, राजकोषीय सूझबूझ और आर्थिक प्रतिस्पर्धा की ओर ले जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रखने की बात करना, उन देशों के लिए आसान नहीं है जो कोविड से उबर रहे हैं, कम वृद्धि दर से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं और अधिक कर्ज आदि से जूझ रहे हैं। इससे उनपर लागत के नजरिये से और बोझ बढ़ेगा।’’

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